Prateek Yadav Death: प्रतीक यादव के पोस्टमार्टम के बाद अब अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि उन्हें मुखाग्नि कौन देगा और क्या अखिलेश यादव यह जिम्मेदारी निभाएंगे।
Prateek Yadav Last Rites PipraGhat: प्रतीक यादव अंतिम संस्कार, क्या अखिलेश यादव देंगे छोटे भाई को मुखाग्नि समाजवादी पार्टी संस्थापक स्वर्गीय Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे और सपा प्रमुख Akhilesh Yadav के छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन के बाद अब पूरे प्रदेश की नजर उनके अंतिम संस्कार पर टिकी हुई है।
लखनऊ के King George’s Medical University (KGMU) में प्रतीक यादव का पोस्टमार्टम पूरा कर लिया गया है। मेडिकल बोर्ड की निगरानी में हुई इस प्रक्रिया की पूरी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम के बाद पार्थिव शरीर परिवार को सौंप दिया गया। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर प्रतीक यादव को मुखाग्नि कौन देगा, क्या बड़े भाई अखिलेश यादव अपने पिता Mulayam Singh Yadav की तरह छोटे भाई को भी अंतिम विदाई देंगे, या परिवार का कोई अन्य सदस्य यह जिम्मेदारी निभाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार लखनऊ के पिपरा घाट श्मशान घाट पर किए जाने की संभावना है। यादव परिवार में पहले भी कई पारिवारिक सदस्यों का अंतिम संस्कार इसी घाट पर किया गया है। पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद परिवार अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गया है। बड़ी संख्या में समर्थक, रिश्तेदार और राजनीतिक नेता परिवार के आवास पहुंच रहे हैं।
KGMU में हुए पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टरों ने कई महत्वपूर्ण सैंपल सुरक्षित किए हैं। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव के नाखून नीले पाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि मौत की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि अंतिम निष्कर्ष विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा। इसी वजह से पूरे मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है और जांच एजेंसियां हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं।
पोस्टमार्टम के दौरान भाजपा नेता Aparna Yadav के भाई अमन सिंह बिष्ट अस्पताल में मौजूद रहे। वह पार्थिव शरीर को लेने के लिए जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करते दिखाई दिए। सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम के बाद शव को पहले परिवार के घर ले जाया जाएगा, जहां अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रतीक यादव की मौत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि उन्हें मुखाग्नि कौन देगा। दरअसल, प्रतीक यादव अपने पीछे दो बेटियां छोड़ गए हैं - बड़ी बेटी प्रथमा यादव और छोटी बेटी प्रतीक्षा यादव। हिंदू परंपरा में आमतौर पर पुत्र या परिवार का पुरुष सदस्य मुखाग्नि देता है। हालांकि बदलते समय में कई परिवारों में बेटियों ने भी यह जिम्मेदारी निभाई है। लेकिन यादव परिवार जैसे बड़े राजनीतिक और पारंपरिक परिवार में यह फैसला क्या होगा, इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या बड़े भाई Akhilesh Yadav खुद प्रतीक यादव को मुखाग्नि देंगे। लोगों को याद है कि जब समाजवादी पार्टी संस्थापक Mulayam Singh Yadav का निधन हुआ था, तब अखिलेश यादव ने ही अपने पिता को मुखाग्नि दी थी। पिता के निधन के बाद परिवार में बड़े बेटे होने के नाते अखिलेश यादव पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी मानी जाती है। ऐसे में माना जा रहा है कि वह छोटे भाई को भी अंतिम विदाई दे सकते हैं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि सपा प्रमुख होने के नाते अखिलेश यादव पर राजनीतिक और पारिवारिक दोनों जिम्मेदारियां हैं, इसलिए संभव है कि परिवार का कोई अन्य सदस्य मुखाग्नि दे।
अब तक यादव परिवार की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है कि मुखाग्नि कौन देगा। परिवार फिलहाल शोक में डूबा हुआ है और अंतिम संस्कार की तैयारियों में व्यस्त है। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस विषय को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं।
38 वर्षीय प्रतीक यादव का बुधवार सुबह अचानक निधन हो गया था। उन्हें बेहोशी की हालत में सिविल अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत को लेकर फिलहाल जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। प्रतीक यादव की मौत ने पूरे यादव परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
प्रतीक यादव ने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी थी, लेकिन वह हमेशा चर्चा में रहते थे। वह मुख्य रूप से फिटनेस और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े थे। लखनऊ में उनके कई जिम और व्यवसायिक प्रोजेक्ट संचालित होते थे। फिटनेस को लेकर उनकी अलग पहचान थी और युवाओं के बीच वह काफी लोकप्रिय माने जाते थे।
पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद अब बड़ी संख्या में लोग प्रतीक यादव के अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता, भाजपा नेता और विभिन्न दलों के लोग यादव परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। लखनऊ में परिवार के आवास के बाहर भारी भीड़ देखने को मिल रही है।
प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार को लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा बनी हुई है। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या बड़े भाई अखिलेश यादव पिता की तरह छोटे भाई को भी मुखाग्नि देंगे या परिवार की परंपरा में कोई अलग फैसला लिया जाएगा। फिलहाल हर कोई परिवार के आधिकारिक निर्णय का इंतजार कर रहा है।