World Bank President Meet CM Yogi AdityaNath : वर्ल्ड बैंक के प्रसीडेंट अजय बंगा ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने यूपी में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की।
World Bank President Meet CM Yogi AdityaNath : सीएम योगी आदित्यनाथ से शुक्रवार को वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा ने शुक्रवार को अपनी टीम के साथ मुलाकात की। इस दौरान यूपी में हो रहे विकासकार्यों की उन्होंने जमकर सराहना की। वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा ने कहा कि यूपी मेरा ससुराल है। मैं यहां 12 साल बाद आया हूं। पहले से बहुत कुछ बदल गया है। लखनऊ में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत से अभिभूत बंगा ने कहा कि ऐसा लग रहा है, मानो मैं अपने घर वापस आ गया हूं।
अजय बंगा ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास भारत को वैश्विक मंच पर एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विकसित यूपी ही विकसित भारत का आधार बनेगा। बंगा ने प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व सुधारों, मजबूत कानून व्यवस्था और सुदृढ़ कनेक्टिविटी की प्रशंसा की।
विश्व बैंक अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के छोटे किसानों को राज्य की सबसे बड़ी ताकत करार दिया। उन्होंने कहा कि छोटे किसान ही उत्तर प्रदेश का सोना हैं। किसान जमीन बेचकर अमीर नहीं बन सकते, उन्हें उन्नत खेती के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उन्नत खेती के जरिए ही वे समृद्धि हासिल कर सकते हैं। बंगा ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और नवाचारों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यूपी के कृषि क्षेत्र में हो रही प्रगति की सराहना की और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।
बंगा ने कहा- यहां धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं, जो इसे वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिला सकती हैं। उन्होंने यूपी के खानपान और स्थानीय शिल्प की वैश्विक मांग की तारीफ की। उन्होंने कहा- यूपी का खानपान और हस्तशिल्प न केवल भारत, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय है।
वर्ल्ड बैंक प्रेसिडेंट अजय बंगा चिनहट स्थित टीएचआर यूनिट का निरीक्षण किया। टीएचआर का पूरा नाम टेक होम राशन है। यह यूनिट एक ऐसी खाद्य निर्माण इकाई होती है, जहां स्वयं सहायता समूहों द्वारा पोषणयुक्त खाद्य सामग्री तैयार की जाती है। यह पोषाहार विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से नि:शुल्क वितरित किया जाता है।