लखनऊ

BJP का बड़ा दांव: योगी कैबिनेट विस्तार से जाट, दलित और ओबीसी समीकरण मजबूत

Yogi Cabinet Expansion: योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में आठ नेताओं ने शपथ ली। छह नए चेहरों को मौका मिला, जबकि दो मंत्रियों को प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार की जिम्मेदारी सौंपी गई।

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May 10, 2026
आठ नेताओं ने ली शपथ, छह नए चेहरे शामिल, दो मंत्रियों का प्रमोशन (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

BJP UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम और ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath सरकार 2.0 का बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार आखिरकार संपन्न हो गया। राजधानी लखनऊ स्थित जन भवन के गांधी सभागार में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल Anandiben Patel ने आठ नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

इस मंत्रिमंडल विस्तार में छह नए चेहरों को शामिल किया गया, जबकि दो मौजूदा राज्य मंत्रियों को प्रमोशन देकर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। भाजपा ने इस विस्तार के जरिए जातीय, सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया बड़ा राजनीतिक कदम है। भाजपा ने पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल, दलित, ओबीसी, जाट और ब्राह्मण समाज को साधने के लिए नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी है।

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मुख्यमंत्री योगी की मौजूदगी में हुआ शपथ ग्रहण

जन भवन के गांधी सभागार में आयोजित समारोह पूरी तरह राजनीतिक उत्साह और भव्यता से भरा दिखाई दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद सभी नवनियुक्त मंत्रियों ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान सभागार “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा। समारोह में भाजपा नेताओं, मंत्रियों, विधायकों और संगठन पदाधिकारियों की भारी मौजूदगी रही।

भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडे बने कैबिनेट मंत्री

मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupendra Singh Chaudhary और ऊंचाहार से विधायक Manoj Kumar Pandey को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। भूपेंद्र चौधरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा का बड़ा जाट चेहरा माने जाते हैं। वे विधान परिषद सदस्य हैं और पहले भी योगी सरकार के पहले कार्यकाल में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने पश्चिमी यूपी और जाट वोट बैंक को साधने के लिए उन्हें फिर से सरकार में अहम जिम्मेदारी दी है। वहीं मनोज कुमार पांडे कभी समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके हैं। सपा से अलग होकर भाजपा के करीब आए मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाकर भाजपा ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा लाइन से अलग रुख अपनाने वाले मनोज पांडे को मंत्री बनाना विपक्ष के लिए भी बड़ा संकेत माना जा रहा है।

कृष्णा पासवान बनीं महिला चेहरा

मंत्रिमंडल विस्तार में एकमात्र महिला चेहरा Krishna Paswan रहीं, जिन्होंने राज्यमंत्री पद की शपथ ली। फतेहपुर की खागा विधानसभा सीट से विधायक कृष्णा पासवान दलित समाज का प्रमुख चेहरा मानी जाती हैं। वह चौथी बार विधायक बनी हैं। उनकी राजनीतिक यात्रा संघर्ष से भरी रही है। राजनीति में आने से पहले वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में काम कर चुकी हैं। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर मंत्री बनने तक का उनका सफर भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच प्रेरणादायक चर्चा का विषय बना हुआ है।

सुरेंद्र दिलेर, कैलाश राजपूत और हंसराज विश्वकर्मा को भी मौका

अलीगढ़ की खैर सीट से विधायक Surendra Diler, कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक Kailash Singh Rajput और विधान परिषद सदस्य Hansraj Vishwakarma को भी राज्यमंत्री बनाया गया। सुरेंद्र दिलेर पश्चिमी यूपी में दलित समाज का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। भाजपा ने उन्हें शामिल कर अनुसूचित जाति वर्ग को साधने का प्रयास किया है। वहीं कैलाश सिंह राजपूत के जरिए पार्टी ने मध्य यूपी और राजपूत समाज को प्रतिनिधित्व दिया है। हंसराज विश्वकर्मा अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं और संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। पूर्वांचल और ओबीसी समाज में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर का प्रमोशन

योगी सरकार में पहले से राज्यमंत्री रहे Ajit Pal और Somendra Tomar को प्रमोशन देकर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। अजीत पाल कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक हैं और ओबीसी राजनीति में उनका प्रभाव माना जाता है। वहीं मेरठ दक्षिण से विधायक सोमेंद्र तोमर पश्चिमी यूपी में भाजपा का मजबूत चेहरा माने जाते हैं। भाजपा नेतृत्व ने दोनों नेताओं को प्रमोशन देकर युवा नेतृत्व और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।

भाजपा का सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक योगी मंत्रिमंडल का यह विस्तार पूरी तरह सामाजिक इंजीनियरिंग और चुनावी रणनीति पर आधारित है। भाजपा ने इस विस्तार में जाट, दलित, ओबीसी और ब्राह्मण समाज को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल और मध्य यूपी के नेताओं को शामिल कर क्षेत्रीय संतुलन भी साधा गया है। पार्टी आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले हर सामाजिक वर्ग में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।

समारोह में दिखा भाजपा का शक्ति प्रदर्शन

शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। नए मंत्रियों के समर्थक फूल-मालाओं और मिठाइयों के साथ जन भवन पहुंचे। कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary, संगठन महामंत्री Dharampal Singh, उप मुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

अब विभागों पर टिकी निगाहें

शपथ ग्रहण के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि नए मंत्रियों को कौन-कौन से विभाग दिए जाएंगे। राजनीतिक गलियारों में विभागों के बंटवारे को लेकर कयासों का दौर शुरू हो चुका है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही विभागों का आवंटन कर नई टीम को जिम्मेदारियां सौंपेंगे। योगी सरकार 2.0 का यह मंत्रिमंडल विस्तार आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाला महत

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