योगी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का वादा किया था। इसके लिए सभी कर्मचारियों का स्टेट हेल्थ कार्ड बनेगा, जिसकी मदद से वह कैशलेस इलाज की फ्री सुविधा का लाभ उठा पाएंगे।
योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) की राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों (Government Employee) को एक बहुत ही बड़ा तोहफा देने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश (UP) के करीब 22 लाख सरकारी कर्मचारियों (Government Servants) और पेंशनरों के लिए राज्य सरकार बड़ी सुविधा देने की योजना लेकर आई है। जानकारी के मुताबिक, इन कर्मचारियों और पेंशनरों(pensioners) के परिवारों को मई यानी इसी महीने से कैशलेस इलाज (Cashless Treatment) की सुविधा दी जाएगी। इसका लाभ पाने वालों की संख्या तकरीबन एक करोड़ होगी। इस बावत स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। अब इंतजार है तो सिर्फ योजना के शुभारंभ के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हरी झंडी दिखाने का। जिसके बाद यूपी ऐसा करने वाला पहला राज्य बन जाएगा।
सभी कर्मचारियों का बनाया जाएगा स्टेट हेल्थ कार्ड
गौरतलब है कि इस योजना को गति देने के लिए योगी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का वादा किया था। वहीं जनवरी में राज्य कैबिनेट की तरफ से इस प्रस्ताव को हरी झंडी भी दे दी गई थी। लेकिन इस योजना को अमल में आने से पहले ही प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई थी। बता दें, इस योजना को स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने सौ दिन के एजेंडे में शामिल किया गया है। इसके लिए सभी कर्मचारियों का स्टेट हेल्थ कार्ड बनेगा, जिसकी मदद से वह कैशलेस इलाज की फ्री सुविधा का लाभ उठा पाएंगे।
पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त
नई व्यवस्था से राज्य कर्मचारी और पेंशनर या उनके परिवारीजन निजी अस्पतालों में भी पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त करा सकेंगे। वहीं सरकारी संस्थानों में खर्च की कोई समयसीमा नहीं होगी। इसके अलावा सरकार पहले भुगतान करके रिंबर्समेंट लेने की पुरानी व्यवस्था भी खत्म नहीं करेगी। ऐसे में नई व्यवस्था से कर्मचारियों और पेंशनरों को सरकारी अस्पतालों, विभाग और सीएमओ के चक्कर काटने से भी मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही कई महंगी जांचें और बीमारियों का इलाज भी अब आयुष्मान योजना की जद में आने से लोगों को बड़ी सुविधा मिल सकेगी।