प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में सूखे के हालातों पर सर्वेक्षण करने का आदेश दिया है। इस काम के लिए प्रदेश के 75 जिलों में 75 टीमों को लगाया जाएगा। जो प्रत्येक इलाकों में जाकर सूखे के हालातों का सर्वेक्षण करेंगी।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सूखे की मार झेल रहे किसानों को राहत देने के लिए बड़ा ऐलान किया हैं। जिसके तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में सूखे के हालातों पर सर्वेक्षण करने का आदेश दिया है। इस काम के लिए प्रदेश के 75 जिलों में 75 टीमों को लगाया जाएगा। जो प्रत्येक इलाकों में जाकर सूखे के हालातों का सर्वेक्षण करेंगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट को तैयार कर एक हफ्ते में संबंधित जिले के डीएम को सौंपेगी। प्रदेश सरकार के अनुसार, यदि कोई लापरवाही करता है या देरी करता है तो इसके लिए संबंधित जिले के डीएम जवाबदेही होंगे। वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कई और घोषणाएं भी की हैं।
नहरों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति के आदेश
बता दें कि सीएम योगी की सरकार ने किसानों के लिए की गई घोषणाओं में लगान वसूली और ट्यूबवेल के बिजली बिल की वसूली को स्थगित किया है। वहीं सिंचाई विभाग को नहरों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। इसके अलावा सरकार ने अधिकारियों से दलहन, तिलहन और सब्जी के बीजों को उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही प्रदेश सरकार ने बिजली विभाग को ग्रामीण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि बिजली से प्रभावित हो रहे किसानों को कटौती की समस्या से राहत मिल सके।
प्रदेश के 62 जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज
गौरतलब है कि इस बार प्रदेश के 75 में से 62 जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। जिसे देखते हुए योगी सरकार ने प्रदेश के सूखा ग्रस्त इलाकों का सर्वेक्षण कराने की घोषणा की है। इसके साथ ही सरकार ने घोषणा की है कि इन जिलों में लगान की वसूली स्थगित रहेगी। इसके साथ ही ट्यूबवेल के बिजली बिलों की वसूली भी स्थगित रहेगी। इन जिलों में बिजली का बिल बकाया होने की स्थिति में ट्यूबवेल के कनेक्शन भी नहीं काटे जाएंगे।