
Yogi Adityanath Swearing-in Ceremony: जिस तरीके से बीजेपी ने जातीय समीकरण और क्षेत्रीय समीकरण को ध्यान में रखकर विधानसभा चुनाव जीतने के लिए रणनीति तय की थी। ठीक उसी प्रकार पार्टी नये मंत्रिमंडल के गठन में भी इन्हीं समीकरण को ध्यान में रही है। इस बात पर तकरीबन सहमति बन चुकी है कि योगी मंत्रिमंडल 2.0 में दलितों और पिछड़ों का 'डबल इंजन' लगेगा। इसकी वजह 2024 का लोकसभा चुनाव है। पार्टी अभी से ही उसकी तैयारी में जुट गयी है। उम्मीद जतायी जा रही है कि जिस प्रकार पिछली सरकार में पिछड़ा वर्ग के विधायकों को मंत्रिमंडल में अच्छा-खासा प्रतिनिधित्व मिला था उसी प्रकार योगी सरकार 2.0 में भी इस वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है।
आपको बता दें कि योगी सरकार 1.0 यानि पिछले सरकार के 49 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 17 मंत्री ओबीसी से आते थे, वहीं पाँच मंत्री दलित वर्ग के थे। चूंकि इन चुनावों में भी जीते विधायकों में 56 प्रतिशत दलित-पिछड़ा वर्ग से हैं, ऐसे में इतना तो इस वर्ग को मंत्रिमंडल में तरजीह दी जाएगी। चूंकि यूपी फतेह के बाद पार्टी 2024 की रणनीति में जुटी है लिहाजा इस मंत्रिमण्डल में इन दोनों वर्गों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। ताकि ये दोनों वर्ग का वोट बैंक पार्टी से छिटके नहीं। हालांकि पार्टी इन दोनों वर्गों को अपने साथ जोड़े रखने के लिए कई योजनाएँ भी चला रही है।
आज लखनऊ आएंगे अमित शाह
केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह 23 मार्च यानि आज लखनऊ आएंगे। अमित शाह, लखनऊ में योगी मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह सहित अन्य तैयारियों का जायजा लेंगे। वहीं 24 मार्च को योगी आदित्यनाथ विधायक दल के नेता चुने जाएंगे। इसके लिए शाह बतौर पर्यवेक्षक 24 नवंबर को शाम 4 बजे लोक भवन में होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में अमित शाह के साथ सह पर्यवेक्षक रघुवर दास भी मौजूद रहेंगे।
डिप्टी सीएम के नामों की हो सकती है घोषणा
सूत्रों के मुताबिक लोकभवन में होने वाली विधायक दर की बैठक में अमित शाह, मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री के नामों की भी घोषणा कर सकते हैं। इसी के साथ ही वह आने वाले पांच सालों तक बीजेपी सरकार की क्या प्राथमिकताएं होंगी? विधायकों की क्या जिम्मेदारी होगी? इस पर भी चर्चा कर सकते हैं।