Lucknow BKT Crime: लखनऊ के बीकेटी क्षेत्र में युवती से छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक की बेरहमी से पिटाई की गई, जबकि पीड़ितों ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है।
Lucknow BKT Assault Case: राजधानी लखनऊ के उत्तरी जोन में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बीकेटी (बख्शी का तालाब) कोतवाली क्षेत्र में दबंगों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि दिनदहाड़े छेड़छाड़ और विरोध करने पर मारपीट जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। ताजा मामला कठवारा चौकी क्षेत्र का है, जहां एक युवती से छेड़छाड़ का विरोध करने पर युवक को बेरहमी से पीट दिया गया, जिससे उसका हाथ टूट गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 4 अप्रैल 2026 की बताई जा रही है। पीड़ित महिला का आरोप है कि वह घर से बाहर शौच के लिए निकली थी, तभी इलाके के कुछ मनचले युवक उसे गलत नियत से पीछा करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख महिला ने खुद को बचाने के लिए शोर मचाया और मदद की गुहार लगाई। महिला की आवाज सुनकर पास में मौजूद अली अहमद नामक युवक मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव करने का प्रयास किया। लेकिन यह साहस उसके लिए भारी पड़ गया।
बताया जा रहा है कि आरोपियों में शामिल गोलू नामक युवक और उसके साथ मौजूद चार अन्य अज्ञात लोगों ने मिलकर अली अहमद पर हमला कर दिया। हमलावरों ने उसे इतना पीटा कि उसका हाथ टूट गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने किसी भी तरह की दया नहीं दिखाई और युवक को बुरी तरह घायल कर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़ित महिला और अली अहमद बीकेटी कोतवाली पहुंचे और पूरी घटना की शिकायत करते हुए प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पीड़ितों का कहना है कि वे लगातार कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा। इससे उनके मन में असुरक्षा की भावना और बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों और विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि कठवारा चौकी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मी मामलों को दबाने में लगे रहते हैं। क्षेत्रीय जनता का आरोप है कि कई बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती, जिससे अपराधियों के हौसले और बुलंद हो जाते हैं।
बीकेटी क्षेत्र में हाल के दिनों में अपराध की घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। छेड़छाड़, मारपीट और अन्य आपराधिक गतिविधियों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा के मुद्दे को सामने ला दिया है। खुले में शौच के लिए जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा पहले से ही एक चुनौती रही है, और ऐसे मामलों से उनकी सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगते हैं।
पीड़ित महिला और घायल युवक अली अहमद न्याय की उम्मीद में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तुरंत कार्रवाई की जाए और दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए। साथ ही क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की भी मांग की गई है।