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Tea lovers: अमृत से लेकर ‘स्टेटस सिंबल’ तक, भारत में इन 8 फ्लेवर्ड चाय के लोग दीवाने

Famous tea in India : भारत में इस वक्त सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली 8 चाय और उनके रेट्स। टपरी से लेकर मॉडर्न कैफे तक, जानिए कैसे बदल रहा है देश का चाय कल्चर।
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Jul 15, 2026
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भारत की 8 सबसे मशहूर चाय! ( AI)

Tea lovers : भारत में चाय को लेकर कई मशहूर कहावतें हैं। एक मशहूर कहावत है - 'बस चाय मिल जाए।' कई बार तो किसी के घर जाओ और चाय नहीं पूछी तो हिकारत से भरकर तंज करते हुए कहते हैं - 'चाय भी नहीं पूछी उसने।' हमारे देश में चाय सिर्फ एक पेय पदार्थ (Beverage) नहीं है, बल्कि संस्कृति बन चुकी है। चाय पर बुलाने, बातचीत शुरू करने का जरिया है और थके हुए दिमाग के लिए एक टॉनिक है। सुबह की शुरुआत से लेकर ऑफिस की गॉसिप्स और शाम के सुकून तक, चाय हर भारतीय की जिंदगी का अटूट हिस्सा है।

लेकिन पिछले कुछ सालों में भारत का चाय कल्चर (Chai Culture) बहुत तेजी से बदला है। आज भारतीय युवा सिर्फ पारंपरिक दूध-अदरक वाली चाय तक सीमित नहीं हैं। आज बाजार में तंदूरी चाय का स्मोकी फ्लेवर से लेकर फिटनेस लवर्स के लिए माचा (Matcha) और रील्स (Instagram Reels) पर ट्रेंड करने वाली बबल टी भी है। आइए जानते हैं कि इस वक्त भारत में कौन-कौन सी चाय सबसे ज्यादा मशहूर हैं और क्यों लोग इनके दीवाने हो रहे हैं।

Evergreen Tea : जो आज भी हैं भारतीयों की पहली पसंद

  • कड़क मसाला और टपरी वाली चाय : भारत की सबसे लोकप्रिय चाय आज भी 'टपरी वाली मसाला चाय' (Masala Tea) ही है। अदरक, कूटकर डाली गई इलायची, लौंग, तुलसी और काली मिर्च के मिश्रण से बनी यह चाय मानसून और सर्दियों में हर भारतीय की कमजोरी बन जाती है। डिजिटल ट्रेंड्स और कैफे कल्चर के आने के बाद भी नुक्कड़ की टपरी पर मिलने वाली इस 'कटिंग चाय' का क्रेज रत्ती भर भी कम नहीं हुआ है।
  • तंदूरी चाय (Smoky Tea) :पिछले कुछ सालों में स्ट्रीट फूड लवर्स के बीच 'तंदूरी चाय' (Tandoori Chai) ने एक अलग ही मुकाम हासिल किया है। इसे बनाने का तरीका बेहद दिलचस्प है। मिट्टी के कुल्हड़ को भट्टी में लाल होने तक गर्म किया जाता है। इसके बाद, आधी पकी हुई चाय को इस गर्म कुल्हड़ में डाला जाता है। कुल्हड़ के संपर्क में आते ही चाय उबलकर बाहर आने लगती है, जिससे उसमें एक सोंधा और स्मोकी (Smoky) फ्लेवर आ जाता है। कॉलेज जाने वाले युवाओं और रील्स बनाने वालों के बीच यह चाय इस वक्त बेहद पॉपुलर है।
  • इरानी चाय (The Royal Creamy Delight) : हैदराबाद के कैफे से शुरू हुई इरानी चाय का क्रेज अब देश के कोने-कोने में पहुंच चुका है। इसे आम चाय की तरह दूध और पत्ती को साथ उबालकर नहीं बनाया जाता। इसमें दूध को घंटों तक उबाला जाता है जब तक कि वह गाढ़ा और मलाईदार न हो जाए, और चाय का काढ़ा (डिकॉक्शन) अलग से तैयार किया जाता है। सर्व करते समय कप में पहले गाढ़ा दूध और फिर ऊपर से काढ़ा डाला जाता है। इसका मीठा और मलाईदार स्वाद लोगों को बेहद पसंद आ रहा है।

लनेस और फिटनेस ट्रेंड: हेल्थ कॉन्शियस इंडिया की पसंद

  • माचा ग्रीन टी (Matcha Tea): जापान से आई माचा टी इस वक्त भारत के मेट्रो शहरों और फिटनेस फ्रिक्स के बीच सबसे बड़ा ट्रेंड बनी हुई है। आम ग्रीन टी में हम पत्तियों को पानी में उबालकर छान लेते हैं, लेकिन माचा में ग्रीन टी की पत्तियों का बारीक पाउडर होता है, जिसे सीधे पानी या दूध में मिलाकर पिया जाता है। हाई एंटीऑक्सीडेंट्स, मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने और वजन कंट्रोल करने की खूबियों के कारण यह इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स और कॉर्पोरेट प्रोफेशन्स की डेली डाइट का हिस्सा बन चुकी है।
  • हर्बल और कैमोमाइल टी (Stress-Relief Brews) : भागदौड़ भरी जिंदगी और वर्क-स्ट्रेस के बीच 'कैमोमाइल टी' (Chamomile Tea) और 'हिबिस्कस टी' (Gudhal ki Chai) की डिमांड बहुत तेजी से बढ़ी है। कैमोमाइल फूल की पंखुड़ियों से बनने वाली यह चाय कैफीन-मुक्त होती है और इसे रात को सोने से पहले बेहतर नींद और एंग्जायटी (तनाव) को कम करने के लिए पिया जा रहा है। वहीं, लेमनग्रास और पुदीने वाली हर्बल चाय डिटॉक्स के लिए इस्तेमाल हो रही हैं।
  • यूथ का नया क्रेज बबल टी या बोबा टी (Bubble Tea / Boba) : ताइवान से आई 'बबल टी' इस वक्त भारतीय युवाओं और टी-कैफेज में सबसे बड़ा 'स्टेटस सिंबल' बन चुकी है। यह एक ठंडी चाय (Cold Tea) होती है जिसमें दूध, फ्लेवर्ड सिरप और सबसे खास टैपिओका पर्ल्स (साबूदाने जैसे दिखने वाले चबाने योग्य बबल्स) होते हैं। जब आप स्ट्रॉ से चाय पीते हैं, तो ये बबल्स मुंह में आते हैं, जो एक अलग और मजेदार एक्सपीरियंस देते हैं। मैंगो, मैचा, टैरो और चॉकलेट फ्लेवर में मिलने वाली यह चाय आज के युवाओं की फेवरेट बन चुकी है।

भारत की ऐतिहासिक और रॉयल चाय

भारत के कुछ हिस्सों की पारंपरिक चाय आज अपने लाजवाब स्वाद और अनोखेपन के कारण वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। कश्मीर की हसीन वादियों की यह दो चाय अब पूरे देश के रेस्टोरेंट्स के मेन्यू कार्ड की शोभा बढ़ा रही हैं।

  • कहवा: यह एक बिना दूध वाली ग्रीन टी है, जिसे दालचीनी, इलायची, केसर और बादाम के टुकड़ों के साथ उबाला जाता है। यह सर्दियों में शरीर को अंदरूनी गर्माहट देती है।
  • नून चाय (Pink Tea): यह अपने गुलाबी रंग और नमकीन स्वाद के लिए जानी जाती है। इसमें बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करके इसका गुलाबी रंग निकाला जाता है और इसे पिस्ते व मलाई के साथ सर्व किया जाता है।
  • दार्जिलिंग और असम ऑर्थोडॉक्स टी (The Connoisseur's Choice) : चाय के सच्चे पारखियों के लिए दार्जिलिंग की 'शैम्पेन ऑफ टी' (दार्जिलिंग ब्लैक टी) और असम की कड़क ऑर्थोडॉक्स टी का कोई मुकाबला नहीं है। बिना दूध और चीनी के पी जाने वाली दार्जिलिंग टी अपनी बेहतरीन खुशबू (Aroma) के लिए दुनिया भर में मशहूर है, वहीं असम की चाय अपनी कड़क रंगत और स्वाद के लिए जानी जाती है।
Updated on:
15 Jul 2026 10:42 am
Published on:
15 Jul 2026 10:39 am