महासमुंद

Chhattisgarh News: बैटरी बैंक बनेगा छत्तीसगढ़, निकेल तांबा और प्लेटिनम के मिले भंडार, बारिश के बाद शुरू होगी ड्रिलिंग

Drilling Project: देश के उभरते हुए बैटरी मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में पहचान बना सकता है। राज्य में निकेल, तांबा और प्लेटिनम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के संभावित भंडार मिलने से खनन और औद्योगिक क्षेत्र में नई उम्मीदें जगी हैं।
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Jun 09, 2026
Chhattisgarh News
बैटरी बैंक बनेगा छत्तीसगढ़ (Photo Patrika)

Chhattisgarh News: महासमुंद जिले के भालुकोना क्षेत्र में किए गए अन्वेषणों में निकेल, तांबा और प्लेटिनम समूह के तत्वों के बड़े भंडार मिलने के उत्साहजनक संकेत मिले हैं। वर्षा ऋतु समाप्त होते ही, बड़े पैमाने पर ड्रिलिंग अभियान पुनः शुरू किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ को भविष्य के 'बैटरी बैंक' के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। यह खोज न केवल छत्तीसगढ़ के लिए, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हो सकती है।वर्तमान में भारत अपनी निकेल की अधिकांश जरूरतों के लिए विदेशी आयात पर निर्भर है। निकेल एक ऐसी महत्वपूर्ण धातु है, जिसके बिना इलेक्ट्रिक वाहनों, बैटरी स्टोरेज सिस्टम, रक्षा उपकरणों और आधुनिक विनिर्माण उद्योगों की कल्पना करना कठिन है।

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Chhattisgarh News: 1200 मीटर की कोर ड्रिलिंग पूरी

देश की एकमात्र सूचीबद्ध 'क्रिटिकल मिनरल्स' उत्खनन कंपनी, डक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड द्वारा संचालित भालुकोना निकेल-कॉपर-पीजीई परियोजना ने इन संभावनाओं को बल दिया है। कंपनी ने अब तक नौ ड्रिल होल के माध्यम से लगभग 1200 मीटर की कोर ड्रिलिंग पूरी कर ली है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 430 मीटर लंबाई में निकेल और तांबे के खनिजीकरण की पुष्टि हुई है, जबकि भूगर्भीय संकेत बताते हैं कि यह खनिज पट्टी 1.3 किलोमीटर तक विस्तृत हो सकती है।

ऊर्जा अर्थव्यवस्था का नया आधार

विशेषज्ञों का मानना है कि निकेल आगामी दशकों की 'ऊर्जा अर्थव्यवस्था' की रीढ़ है। भालुकोना प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां निकेल के साथ-साथ तांबा, पैलेडियम और प्लेटिनम जैसे दुर्लभ खनिज भी प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं। ये धातुएं न केवल ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स, बल्कि एयरोस्पेस और रक्षा उद्योगों में उच्च मूल्य वाली मानी जाती हैं। कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. हनुमा प्रसाद मोदली के अनुसार, यह खोज वैश्विक खनिज आपूर्ति श्रृंखला में भारत को एक विश्वसनीय और रणनीतिक खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर सकती है।

रणनीतिक महत्व और भविष्य की कार्ययोजना

यह परियोजना भारत सरकार की उन नई नीतियों का परिणाम है, जिनका उद्देश्य देश में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को गति देना है। वैश्विक स्तर पर जब अमेरिका और क्वाड जैसे देश खनिज सुरक्षा के लिए रणनीतिक गठबंधन बना रहे हैं, तब भालुकोना का यह प्रोजेक्ट भारत को आत्मनिर्भरता की राह दिखा रहा है। कंपनी का दावा है कि यदि आगामी अन्वेषण इसी तरह सफल रहे, तो भालुकोना भारत का पहला निकेल-कॉपर-पीजीई खनन क्षेत्र बन जाएगा।

Updated on:
09 Jun 2026 02:37 pm
Published on:
09 Jun 2026 07:58 am