
खरीफ सीजन के लिए अप्रैल माह से ऋण का वितरण किया जा रहा है। जुलाई माह में बारिश के बाद ऋण वितरण में तेजी आई है। महासमुंद जिले के 71 हजार 132 किसानों ने 397 करोड़ रुपये का ऋण लिया है। इस वर्ष जिले में 500 करोड़ रुपये के अल्पकालीन ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य का 80 प्रतिशत ऋण किसान ले चुके हैं।
किसानों को खेती-किसानी, खाद, बीज और रासायनिक दवाओं के लिए समितियों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। पिछले वर्ष लगभग 475 करोड़ रुपये के ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया था, जबकि 414 करोड़ रुपये का ही ऋण वितरित किया गया था। इस तरह लक्ष्य से कम ऋण वितरण हुआ था। इस वर्ष भी 500 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन पिछले साल की तुलना में इस वर्ष अधिक संख्या में किसान ऋण ले रहे हैं।
महासमुंद जिले में एक लाख 66 हजार किसान पंजीकृत हैं। प्रतिवर्ष लगभग 80 हजार किसान ऋण लेते हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। फसल की शुरुआत में किसानों को खाद की आवश्यकता पड़ती है, जिसके लिए समितियों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी अविनाश शर्मा ने बताया कि ऋण वितरण (Kharif Season Loan) की प्रक्रिया में तेजी आई है। लक्ष्य का 80 प्रतिशत ऋण वितरित किया जा चुका है। किसान सितंबर माह तक ऋण ले सकते हैं।
खरीफ सीजन (Kharif Crop Loan 2026)00 में इस वर्ष 2 लाख 59 हजार हेक्टेयर में फसल ली जाएगी। इसमें 2 लाख 45 हजार हेक्टेयर में धान की फसल लेने का लक्ष्य है। इसके अलावा दलहन और तिलहन की फसलों के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि कार्य के लिए किसानों को पैसों की आवश्यकता होती है, इसलिए हर वर्ष बड़ी संख्या में किसान ऋण लेते हैं। ऋण लेने के लिए समितियों और जिला सहकारी बैंक में किसानों की भीड़ उमड़ रही है। हालांकि, ऋण वितरण का कार्य 30 सितंबर तक किया जाएगा। किसानों के पास अभी लगभग ढाई माह का समय शेष है।