कल महिला दिवस के मौके पर घर-घर जाकर कचरा इकठ्ठा करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया
महासमुंद. अपने घर-परिवार का दायित्व निर्वहन करते हुए भी सफाई रिक्शा चलाते हुए घर-घर से कचरा एकत्र कर नगर को साफ-सुथरा रखने में अपना बहुमूल्य योगदान करने वाली 84 महिला सफाई कर्मचारियों और स्वच्छता दूतों का अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान किया गया। नगर पालिका परिसर में आयोजित गरिमामय समारोह में उन्हें शाल, श्रीफल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि काम करने की दृष्टि से देखें तो सबसे अधिक क्षमता महिलाओं में होती है, बस उन पर भरोसा रखें और अवसर दें। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में बेटियों ने सफलता का शिखर छुआ है, लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है। समाज पुरुष प्रधान है, लेकिन हर समय पिता, भाई या पति की उंगली पकडक़र नहीं चल सकते। केवल आगे बढऩा नहीं है, आज हमें दौडऩा है। समाज को भी महिलाओं के प्रति नजरिया बदलना होगा। गृहणी भी अपना घर-परिवार का दायित्व पूरा करने के साथ-साथ आत्मनिर्भता की दिशा में आगे बढऩे का प्रयास करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पालिकाध्यक्ष पवन पटेल ने कहा कि पुरुषों को आगे बढ़ाने में महिलाओं का योगदान है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में महिलाएं आज पुरुषों से भी आगे हैं। पालिका उपाध्यक्ष कौशल्या बंसल ने भ्रूण हत्या रोकने पर जोर दिया।
गीत, कविताओं की गूंज
महिला एवं बाल विकास विभाग की सभापति मीना वर्मा ने महिला सफाई कर्मचारियों की सराहना की। सीएमओ प्रीति सिंह ने कविताओं के माध्यम से नारी की महत्ता का रेखांकन किया। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी सी यदि कोमल है, तो दुर्गा सी भयहारी है। राधा का है मृदुल समर्पण, तो काली सी प्रलयंकारी है। वंदना कुलदीप ने गीत पेश किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक सुरेन्द्र मानिकपुरी ने किया। इस मौके पर मंच पर पार्षद गण शुभ्रा शर्मा, शोभा शर्मा, सुशीला देवार, उषा पाल, दशोदा ध्रुव, दुर्गेश्वरी चंद्राकर, संदीप घोष, अरविंद प्रहरे, सफाई के लिए महिलाओं को रिक्शा चलाने के लिए प्रेरित करने वाली ममता बग्गा, राखी साहू, रमशीला साहू, शिक्षिका राजकुमारी राजपूत सहित बड़ी संख्या में महिलाएं व पालिका के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।