महासमुंद

महासमुंद में शराब तस्करी का बड़ा खुलासा, नकली होलोग्राम-लेबल के साथ 7 गिरफ्तार, 50 लाख की संपत्ति जब्त

Liquor Smuggling Syndicate: नकली होलोग्राम और छत्तीसगढ़ स्टेट के फर्जी लेबल के जरिए अवैध शराब को खपाने वाले संगठित नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है।
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7 Arrested
नकली होलोग्राम-लेबल के साथ 7 गिरफ्तार (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Illegal Liquor Smuggling: महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क में शराब की बोतलों पर छत्तीसगढ़ स्टेट के नकली लेबल और फर्जी होलोग्राम लगाकर उन्हें बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है।

पुलिस के अनुसार कार्रवाई में अब तक 7 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त शराब की कुल मात्रा 3229 लीटर 860 मिलीलीटर बताई गई है, जिसकी अनुमानित कीमत 22 लाख 15 हजार 120 रुपए है। इसके अलावा शराब तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों, कंटेनर और मोबाइल समेत करीब 50 लाख 30 हजार 120 रुपए की संपत्ति जब्त किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।

डस्टर कार की जांच से खुला नेटवर्क का रास्ता

पुलिस की कार्रवाई की शुरुआत 11 अगस्त को हुई थी। उस दौरान सरायपाली पुलिस ने डस्टर कार से शराब का परिवहन करते हुए राजेश पटेल, अजित पटेल और अमित पटेल को पकड़ा था। पुलिस के मुताबिक, वाहन से 25 पेटियों में रखी 1192 पौव्वा गोवा अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी। कार से मिली शराब की मात्रा करीब 214 लीटर 560 मिलीलीटर थी।

पूछताछ और आगे की जांच के दौरान अमित की निशानदेही पर अलग-अलग ब्रांड की 46 बोतलें भी बरामद की गईं। इसके बाद पुलिस को शराब की बड़ी खेप और उसे खपाने वाले नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिली।

जांच आगे बढ़ी तो सामने आए दूसरे राज्यों के कनेक्शन

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों तक पहुंच बनाई। इसी क्रम में रायगढ़ निवासी विनय सिंह ठाकुर और फरीदाबाद, हरियाणा निवासी धीरज आहूजा को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि धीरज आहूजा उस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था, जो शराब की बोतलों के लिए नकली होलोग्राम, लेबल, बोतल और कंटेनर उपलब्ध कराने का काम करता था। इस जानकारी के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच को और आगे बढ़ाया।

आबकारी विभाग की जांच में नकली होलोग्राम की पुष्टि

पुलिस के अनुसार बरामद शराब और उससे संबंधित सामग्री की जांच आबकारी विभाग से कराई गई। जांच में होलोग्राम और लेबल के नकली होने की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं।

जांच में पुलिस को आशंका है कि शराब को वैध तरीके से निर्मित और बिक्री के लिए अधिकृत दिखाने के उद्देश्य से नकली लेबल और होलोग्राम का इस्तेमाल किया जा रहा था। मामले में इन सामग्रियों की सप्लाई और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

25 सितंबर को दो और आरोपित गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में आगे कार्रवाई करते हुए 25 सितंबर को आयुस महापात्र और अविनाश पंडा को भी गिरफ्तार किया। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस के मुताबिक, पूरी कार्रवाई के दौरान कंटेनर, डस्टर और क्रेटा कार समेत मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इन सभी की कुल अनुमानित कीमत करीब 50 लाख 30 हजार 120 रुपए बताई गई है।

चार जिलों तक फैले नेटवर्क की जांच

शराब तस्करी का यह नेटवर्क केवल महासमुंद तक सीमित नहीं होने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस के अनुसार इसकी कड़ियां महासमुंद, सारंगढ़, रायगढ़ और जांजगीर क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा दूसरे राज्यों से भी नेटवर्क के संपर्क की जांच की जा रही है।

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नकली होलोग्राम और लेबल कहां तैयार किए जाते थे, इन्हें कौन उपलब्ध कराता था और तैयार शराब की खेप किन इलाकों में भेजी जाती थी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है।

Updated on:
25 Sept 2026 06:03 pm
Published on:
25 Sept 2026 06:03 pm