
Mahasamund Crime:छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पत्नी ने आशिक के साथ मिलकर अपने पति को मौत की नींद सुलाकर दफना दिया। फिर पांच माह तक दोनों पुलिस को गुमराह करते रहे। पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद महिला ने दोबारा थाने से कोई खबर नहीं ली तो पुलिस (Murder News) की शक की सुई घुमी।
हर एंगल की तप्तीश के बाद पुलिस ने आखिरकार अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली। इस हत्याकांड को मृतक की पत्नी, सास और पत्नी के प्रेमी ने मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की सास अभी फरार है। कोतवाली थाना प्रभारी मोनिका श्याम ने बताया कि 14 दिसंबर 2023 को प्रार्थी देविका चन्द्राकर सुभाष नगर महासमुंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 8 दिसंबर से उसके पति यूपेश चन्द्राकर (42) घर से किसी को बताए बिना कहीं चले गए हैं। जिस पर थाना महासमुंद में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
Mahasamund Crime: विवेचना के दौरान पता चला कि गुम इंसान यूपेश चन्द्राकर की पत्नी देविका चन्द्राकर का मुकुंद त्रिपाठी के साथ अवैध संबंध को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। इसके आधार पर पुलिस की टीम द्वारा मुकुंद त्रिपाठी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पहले गोलमोल जवाब देना लगा। सती बरतने पर अंतत: अपराध अपराध करना स्वीकार किया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि रावणभांठा में यूपेश चन्द्राकर के घर के बगल में किराए में रहता था। देविका का चन्द्राकर से अवैध संबंध था।
इस दौरान देविका के पति की गैर मौजूदगी में हम लोग अक्सर एक-दूसरे से मिलते थे। मोबाइल से बातचीत भी करते थे। मोबाइल फोन में बातचीत करते हुए देविका चंद्राकर मुझे बोलती थी कि मैं अपने पति से बहुत परेशान हो गई हूं। उसे रास्ते से हटाना है। तब हम लोग यूपेश को हटाने की योजना बनाने लगे। पुलिस ने आरोपी मुकुंद त्रिपाठी पिता भुनेश्वर प्रसाद त्रिपाठी (45) नया रावणभाठा और देविका चंद्राकर पति यूपेश चंद्राकर (40) बिरकोनी (CG Murder Case) को गिरफ्तार कर लिया है। अंजनी चंद्राकर फरार है। आरोपी मुकुंद के कब्जे से घटना में प्रयुक्त रापा, गैंती, सब्बल और धमेला जब्त किया।
8 दिसंबर को यूपेश की हत्या के बाद पत्नी, सास और प्रेमी ने मिलकर मृतक के मुंह को एक सफेद कपडे़ से बांध दिया। लाश को एक पेटी में भरकर अपने घर में रख दिया। 10 दिसंबर को दोपहर एक रिक्शा में पेटी को डालकर सीधे लोहानी बिल्डिंग किराए के ऑफिस में ले जाकर रख दिया और वापस (Crime News) आ गए। रात में देविका व मुकुंद लोहानी बिल्डिंग ऑफिस पहुंचे। लाश को ठिकाने लगाने कमरे में 5 फीट का गड्ढा खोदा। बाद दोनों घर आ गए। 11 दिसंबर को दोनों नमक की बोरी खरीदी। लोहानी बिल्डिंग पहुंचे और नमक को गड्ढा में डालकर शव को पेटी से निकालकर साथ दफना दिया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि एक दिन देविका का पति देविका को मेरे कमरे से निकलते हुए देख लिया था। उसी दिन से वह शक करने लगा था। उसको हमारे बारे में पता चल गया था। 8 दिसंबर 2023 को दोपहर एक बजे के आसपास दरवाजा खटखटाने पर बाहर निकला। देविका और उसकी मां खडे़ हुए थे। देविका ने बताया कि यूपेश गाली-गलौज कर रहा है। इसी बीच यूपेश ने देविका को मारने के लिए डंडा उठा लिया। देविका ने डंडा को छिनकर उसके सिर में मार दिया। मुकुंद को भी गुस्सा आया और यूपेश को धकेल दिया। यूपेश सिर के बल नीचे गिर गया। उसकी सांसे रुक गईं। देविका अपनी बेटी को लेने के लिए स्कूल चली गई। मुकुंद ने यूपेश को खींचकर अपने कमरे में लेकर आ गया। शाम 5 बजे उसने देविका को फोन कर बोला कि काम हो गया है। तुम लोग वापस घर आ जाओ।
CG Crime News: देविका चंद्राकर पति के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद से वापस कभी थाने आकर पति की खबर नहीं ली। इसी बात से पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने थाने में बुलाकर कई बार पूछताछ की। कॉल डिटेल में भी मुकुंद के साथ लगातार बातचीत होने से पुलिस का शक और गहरा हो गया। हत्या के बाद दो दिन तक रावणभांठा में जिस मकान में लाश रखी थी, उसी मकान में मुकुंद रह भी रहा था। इसके बाद लोहानी भवन के ऑफिस में जहां मुकुंद ज्योतिषी का कार्य करता था, वहां पर लाश को दफनाने के बाद भी रहने लगा था।
CG Crime News: मिली जानकारी के अनुसार देविका चंद्राकर आरोपी मुकुंद को पहले से ही जानती थी। दोनाें के बीच पूर्व से अवैध संबंध था। बिरकोनी में पदस्थ होने के बाद भी महासमुंद के रावणभांठा में किराए का मकान लिया हुआ था। पूरी प्लानिंग के तहत मुकुंद के किराए के मकान के ठीक सामने का मकान लिया था। यह मकान भी मुकुंद ने ही दिलवाया था। यूपेश चंद्राकर शराब पीने का आदि था। अक्सर (Mahasamund Crime News) देविका चंद्राकर और यूपेश के बीच झगड़ा होता रहता था। इस कारण आस-पास के लोगों को शक नहीं हुआ। रोज की तरह का झगड़ा सोचकर आस-पास के लोगों को नहीं लगा कि हत्या जैसी घटना को अंजाम दिया गया है।