
Monsoon 2026: महासमुंद जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम बार-बार करवट ले रहा है। आसमान में बादल छा रहे हैं, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में अपेक्षित बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। जुलाई माह में अब तक केवल दो दिन ही अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इसके बाद से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है। हालांकि मौसम विभाग ने 15 जुलाई के बाद 16 जुलाई से राहत मिलने के संकेत दिए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यह समुद्र तल से लगभग 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है तथा ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से अगले 24 घंटों के भीतर उत्तरी बंगाल की खाड़ी तथा उससे लगे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रणाली मजबूत होने के बाद पूर्वी और मध्य भारत में मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढऩे के आसार हैं। फिलहाल दिन-रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी बनी हुई है, लेकिन मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने अच्छी बारिश की उम्मीद जगा दी है।
बारिश की कमी से खरीफ फसलों की बुवाई और शुरुआती वृद्धि प्रभावित होने लगी थी। ऐसे में 15 जुलाई के बाद अच्छी बारिश होने की संभावना किसानों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है। पर्याप्त वर्षा होने पर धान सहित अन्य खरीफ फसलों को भी फायदा मिलेगा और खेतों में नमी की स्थिति बेहतर होगी।
लगातार बादल छाने और बारिश नहीं होने के कारण उमस का स्तर बढ़ गया है। यदि मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित होता है तो आने वाले दिनों में प्रदेशभर में बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी व उमस से काफी राहत मिलेगी। फिलहाल सभी की नजरें बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र और मानसून की अगली सक्रियता पर टिकी हुई हैं।