
Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महासमुंद जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान जिले के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में महासमुंद में 44 मिमी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
मौसम केंद्र रायपुर की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार महासमुंद और रायगढ़ जिलों में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। इन जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। प्रशासन और नागरिकों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वहीं प्रदेश के कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसका असर रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा समेत आसपास के जिलों में देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के इस अलर्ट ने किसानों के लिए भी राहत की उम्मीद जगाई है। जून में सामान्य से 67 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण महासमुंद जिले में खरीफ सीजन की बुआई काफी प्रभावित हुई है। जिले में 2 लाख 59 हजार 440 हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुआई का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब तक केवल 21.418 हजार हेक्टेयर यानी करीब 8 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुआई हो सकी है।
धान की खेती पर सबसे अधिक असर देखने को मिला है। जिले में 2 लाख 44 हजार हेक्टेयर में धान लगाने का लक्ष्य है, जबकि अब तक सिर्फ 20.536 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ही बुआई हो पाई है। यानी धान की बुआई लक्ष्य के केवल 8.41 प्रतिशत तक ही पहुंच सकी है। जून में जिले में सिर्फ 57 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन सकी और कई जगह नर्सरी तैयार होने के बावजूद रोपाई शुरू नहीं हो पाई।
कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक आर.एल. शर्मा ने किसानों से मौसम का पूरा लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खेतों की तैयारी पूरी रखें और पर्याप्त बारिश होते ही बुआई शुरू करें। यदि मौसम साफ रहता है तो समय पर निंदानाशक का छिड़काव भी करें, ताकि खरपतवार पर नियंत्रण रखा जा सके। हालांकि पिछले दो दिनों में जिले में अच्छी बारिश हुई है, जिससे किसानों को राहत की उम्मीद जगी है। यदि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहता है तो खरीफ बुआई में तेजी आने के साथ कृषि कार्य भी रफ्तार पकड़ सकते हैं।