महराजगंज में कोठीभार थाना परिसर में उस समय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और पुलिस में नोक झोंक हो गई जब कार्यकर्ता धर्मांतरण की शिकायत लेकर गए थे, आरोप है कि कार्यकर्ताओं का मोबाइल पुलिस द्वारा छीनने से विवाद बढ़ गया।
महराजगंज के कोठीभार थानाक्षेत्र के ग्रामसभा बिसोखोर में उस समय विवाद हो गया जब थाना प्रभारी ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से बदसलूकी कर दी, यहां धर्मांतरण के विवाद को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। इसी दौरान कोठीभार थानेदार धर्मेंद्र सिंह और बजरंग दल कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक का वीडियो सामने आया है। वीडियो में थानेदार कार्यकर्ताओं पर भड़कते हुए नजर आ रहे हैं। यहां तक कि उन्होंने कह दिया, “नौकरी की ऐसी की तैसी, इस्तीफा देकर चला जाऊंगा।”
जानकारी के मुताबिक ग्रामसभा बिसोखोर में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा के लिए गांव वाले चंदा इकट्ठा कर रहे थे, इसी बीच जब वे हरिजन बस्ती में पहुंचे तो वहां कुछ लोगों ने न सिर्फ चंदा देने से मना कर दिया ग्रामीणों से नोंकझोंक भी किया मामला हाथापाई तक भी पहुंच गया। ग्राम प्रधान विनोद कुमार ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ लोग लालच देकर धर्मांतरण कराने की कोशिश कर रहे हैं। विरोध करने पर वे हिंसक रवैया अपना लेते हैं। ग्राम प्रधान के साथ सैकड़ों ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत कोठीभार थाने में दर्ज कराई।
शुरुआत में तो मामला शांत रहा लेकिन दोपहर बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं के थाने पहुंचने पर तनाव बढ़ गया, पुलिस और कार्यकर्ताओं में नोंकझोंक शुरू हो गई इसी दौरान थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई, कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर मोबाइल छीनने का आरोप लगाया, जिस पर थाना प्रभारी ने आपा खो दिया और नौकरी से इस्तीफे तक की धमकी दे डाली। बाद में पुलिस ने धर्मांतरण से जुड़े दो आरोपितों पर शांति भंग में चालान की कार्रवाई की है।