मंडला

मंडला में 60 लाख का भवन बना पर सड़क नहीं, लोकार्पण करने पहुंचे सांसद की गाड़ी फंसी, बुलाना पड़ा ट्रैक्टर

Community Centre : ट्रैक्टर से खिंचवाकर बाहर निकाले सके लोकार्पण कार्यक्रम में आए सासंद फग्गन सिंह कुलस्ते समेत कई वाहन। कार्यक्रम में पहुंचे सांसद ने सड़क के लिए पंचायत से मांगा प्रस्ताव।
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Community Centre
ट्रैक्टर से खींचकर निकाले जा सके कीचड़ में फंसे वाहन (फोटो सोर्स: Patrika)

Mandla News :मध्य प्रदेश के मंडला में शासन की जनमन योजना के तहत बबलिया के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत चकदेही में 60 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन तो बना दिया गया है, लेकिन प्रशासन द्वारा उस तक पहुंचने के लिए 200 मीटर के पहुंच मार्ग का निर्माण कराना भूल गया। इसका खामियाजा सामुदायिक केंद्र के शुरु होने से पहले भाजपा सांसद ही भुगतना पड़ा। बता दें कि, भवन का लोकार्पण करने आए सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते का वाहन ही मार्ग की कीचड़ में फंस गया। लंबी जद्दोजहद के बाद ट्रैक्टर से खिंचवाकर सांसद कुलस्ते का वाहन कीटड़ से निकालकर मुख्य सड़क तक लाया जा सका।

जिले में जारी बारिश के बीच गुरुवार को भवन का लोकार्पण करने पहुंचे भाजपा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते को भवन तक पहुंचने से पहले ही मात्र 200 मीटर सड़क न होने से मुसीबत का सामना करना पड़ा। इस पूर घटनाक्रम की कुछ तस्वीरें भी साने आई हैं, जिसमें फंसे वाहन को निकालने की जद्दोजहद और बाद ट्रैक्टरकी मदद से वाहन को निकालने के दृष्य दिखाई दे रहे हैं।

ट्रैक्टर की मदद से फंसे वाहनों को निकाला जा सका

बताया जा रहा है कि, सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते के वाहन के साथ भवन लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने आए जनपद पंचायत नारायणगंज सीईओ के साथ - साथ अन्य के वाहन कीचड़ में फंस गए। वाहनों को बाहर निकालने के लिए ट्रैक्टर की मदद लेनी पड़ी। तब कही जाकर वाहन और उसमें सवार गणमान्य सामुदायिक भव तक पहुंच सके और लोकार्पण कार्यक्रम संपन्न हो सका।

ग्रामीणों में जागी उम्मीद

अव्यवस्था को देखते हुए सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने मौके पर ही ग्राम पंचायत से पहुंच मार्ग निर्माण का प्रस्ताव मांगा और स्वीकृति के लिए राशि उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। कार्यक्रम में निर्माण एजेंसी का ठेकेदार भी मौके पर मौजूद नहीं था। ग्रामीणों को उम्मीद है कि, अब सांसद के कीचड़ में फसने के बाद सामुदायिक भवन तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण हो सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि, भवन बनने की खुशी है, लेकिन बिना रास्ते के इसका उपयोग कैसे होगा, बरसात में तो यहां पैदल चलना तक नामुम्किन रहता है।

Updated on:
03 Sept 2026 07:52 pm
Published on:
03 Sept 2026 07:51 pm