
Bhopal news: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को मंडला जिले के टटारी में स्कूल के नन्हें-मुन्ने बच्चों के साथ आत्मीयता से सहज संवाद किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टटारी हेलीपेड जाते समय एक निजी पब्लिक स्कूल में अपना काफिला रुकवाया और वहां प्रार्थना सभा में शामिल विद्यार्थियों से मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अचानक अपने बीच पाकर बच्चे और उनके टीचर्स प्रसन्न हुए। स्कूल में उस समय बच्चों की रुटीन असेम्बली चल रही थी। सीएम ने विद्यार्थियों को परमपिता परमेश्वर से सबके कल्याण की प्रार्थना करते देखा, तो वे उनके बीच पहुंच गए। उन्होंने बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके नाम पूछे और यह भी जाना कि वे किस कक्षा में पढ़ते हैं तथा उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है ?
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बच्चों को दुलारते हुए खूब मन लगाकर पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के साथ उनका संवाद सहज, आत्मीय और अपनत्व से भरा रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस अप्रत्याशित उपस्थिति से विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे और विद्यालय परिसर में हर्ष और उत्साह का माहौल बन गया।
वहीं दूसरी ओर सीएम कान्हा टाइगर रिजर्व भी पहुंचे। यहां उन्होंने जंगल सफारी की और बाघ को भी देखा इन सबके बाद सीएम ने एसडीओपी से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) बने एक अधिकारी को पदोन्नति की बधाई दी और उनकी वर्दी पर रैंक फ्लैप लगाए। इस दौरान सीएम ने जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों के बारे में भी कई बातें की। उन्होंने ये भी कहा कि कान्हा में बाघ, तेंदुआ, लकड़बग्घा और हाथी सहित कई वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते हैं।
आगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कान्हा नेशनल पार्क हमारे देश का नहीं, पूरे एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा नेशनल पार्क है। सघन वनों से आच्छादित कान्हा नेशनल पार्क मुख्यत बाघ, चीता, लकड़बग्घा, हाथी एवं अन्य कई वन्य जीवों से समृद्ध है। उन्होंने सभी वन्य जीव प्रेमियों, पर्यटकों और नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वन्य प्राणियों के साहचर्यपूर्ण नैसर्गिक जीवन को निहारने के लिए कम से कम एक बार कान्हा नेशनल पार्क जरूर आएं। मध्यप्रदेश की धरती पर हमारे समृद्ध वनों में सभी प्रकार के जीव जंतुओं के लिए अपने प्राकृतिक आवास में स्वछन्द विचरण करने की स्वतंत्रता है। प्रदेश में बारहसिंगा को भी पुनर्जीवन मिला है।