mp news: कृषि भूमि के खसरे में नाम सुधारने के बदले तहसील का रीडर मांग रहा था 10 हजार रुपये की रिश्वत।
mp news: मध्यप्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के मंडला जिले का है जहां निवास तहसील में राजस्व विभाग के रीडर को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
मंडला की निवास तहसील में राजस्व विभाग के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में पदस्थ रीडर काशीराम मरावी दरगड़ गांव के रहने वाले किसान गेंदलाल सर्वटे से 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहा था। फरियादी गेंदलाल ने बताया कि उसके पिता की कृषि भूमि के खसरे में पिता का नाम त्रुटिवश मूल चंद के स्थान पर फूलचंद दर्ज है। खसरे में उक्त नाम सुधार करवाने के लिए जब वो रीडर काशीराम के पास पहुंचा तो रीडर ने उससे 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। रिश्वत की रकम न दिए जाने पर रीडर काम नहीं कर रहा था।
रीडर काशीराम के द्वारा 10 हजार रुपये रिश्वत मांगे जाने से परेशान फरियादी किसान गेंदलाल सर्रटे ने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही पाए जाने पर बुधवार 18 फरवरी 2026 को फरियादी गेंदलाल को रिश्वत की पहली किस्त 5000 रुपये देने के रिश्वतखोर रीडर काशीराम के पास भेजा। रिश्वत की रकम देने के लिए रीडर ने फरियादी को अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में बुलाया और जैसे ही रिश्वत के 5 हजार रुपये लिए तो सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन)2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की गई है।