MP UPSC News: मध्य प्रदेश के मंडला जिले का अनोखा मामला, युवक ने कर दी बिना परीक्षा IAS बनाने की मांग, बोला मेरी पोस्टिंग कर दीजिए। मामला सुनकर भावुक हुए कलेक्टर ने लिया बड़ा फैसला...
MP UPSC News: मध्य प्रदेश के मंडला जिले से बेहद भावुक करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शख्स कलेक्टर कार्यालय पहुंचा, कलेक्टर के पास बैठा और उनसे मांग की मुझे IAS बना दो… मेरी डायरेक्ट पोस्टिंग कर दो।' उसकी बातें सुनकर पहले तो कलेक्टर हैरान रह गए, लेकिन फिर कलेक्टर से ये बातचीत इतनी भावुक हो चली कि उन्होंने एक अहम फैसला ले लिया।
जीहां मंडला की अनोखी कहानी आपको भी भावुक कर देगी। दरअसल मंडला जिला मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई। भावुक मोड़ में पहुंच गई, जब बिछिया तहसील के ग्राम मांद से आए एक युवक ने कलेक्टर के सामने ये अनोखी मांग रख दी कि वहां मौजूह हर शख्स स्तब्ध रह गया।
बीएससी स्नातक अंकित श्रीवास्तव जनसुनवाई में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां कलेक्टर सोमेश मिश्रा के सामने अपने संघर्षों की कहानी सुनाई। उसकी आवाज में इतना दर्द था और आंखों में अधूरे सपनों की नमी, जिसे देख कलेक्टर खुद भावुक हो गए।
अंकित ने कलेक्टर को बताया कि वह बरसों से UPSC (MP UPSC)की तैयारी करना चाहता था। लेकिन आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी ने उसके सपनों को हर बार तोड़ा… हर साल उसने अपने मन को तैयार किया। प्रशासन से किताबें मांगी, पढ़ाई के लिए मदद मांगी। लेकिन उसे कोई सहयोग नहीं मिल पाया। अंकित का कहना है कि इन हालात के चलते उसके जीवन के महत्वपूर्ण नौ साल मदद की आस में यूं ही गुजर गए। इस बार भी वह परीक्षा (MP UPSC) में शामिल नहीं हो सका।
अंकित ने कलेक्टर को अपने मन की पीडा़ ऐसे सुनाई कि कलेक्टर समेत सभी उपस्थित जन भावुक हो गए। उसने कलेक्टर से कहा…
'मुझे बिना परीक्षा के सीधे IAS बना दीजिए।' उसने कहा कि अगर मुझे यह जिम्मेदारी मिलती है, तो वह मंडला जिले की तस्वीर बदल सकता है। उसने जिले की खराब सड़कों को सुधारने, बेहतर अस्पताल बनाने और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का संकल्प भी जताया।
इतना ही नहीं अंकित ने यह भी कहा कि वह केवल मंडला जिले में ही अपनी सेवाएं देना चाहता है, क्योंकि वह अपने क्षेत्र के लोगों को दुख दर्द करीब से समझता है।
इस अनोखी मांग को सुनकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बेहद संवेदनशीलता और धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने युवक की हर बात को गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने उसकी मानसिक स्थिति को समझते हुए तुरंत बड़ा और अहम फैसला ले लिया।
अंकित की मानसिक स्थिति को समझते हुए कलेक्टर ने बड़ा फैसला लेते हुए तुरंत जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को मौके पर बुलाया है। इसके बाद अंकित को डॉक्टरों की निगरानी में सौंप दिया गया। ताकि उसकी काउंसलिंग और उचित इलाज सुनिश्चित किया जा सके।
यह घटना सिर्फ एक अजीब मांग नहीं, बल्कि उस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है, जहां सपनों और संसाधनों के बीच की खाई कई युवाओं को अंदर तक तोड़ देती है। मंडला कि यह जनसुनवाई एक बार फिर सवाल छोड़ गई कि क्या हर सपने को उड़ान देने के लिए जरूरी साधन (MP UPSC News) हम उपलब्ध करा पा रहे हैं।