मंदसौर

पीले सोने पर निर्भरता कम करने के लिए किया रकबा कम

मक्का से लेकर दालों व मूंगफली की फसल का बढ़ाया रकबा -जिले में 3 लाख 19 हजार 490 हेक्टेयर क्षेत्र में होगी खरीफ में बोवनी मूंगफली के रकबे में जिले में अप्रत्याशी बढ़ोतरी, तिलहन को बढ़ावा देने सोयाबीन में कटौती -खरीफ की सीजन में जिले में 3.34 लाख हेक्टेयर भूमि पर होगी बोवनी

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May 30, 2026
mandsaur news
जिले में 3 लाख 19 हजार 490 हेक्टेयर क्षेत्र में होगी खरीफ में बोवनी

मंदसौर.
मानसून की गतिविधियों के शुरू होने से पहले किसान खरीफ सीजन के लिए खेत तैयार करने में जुटा हुआ है। इस बीच विभाग भी कागजों में अपनी तैयारी करने में लग गया है। जिले में मूंगफली का उत्पादन लगातार बढ़ता जा रहा है। तीन सालों में 1 हजार से बढकऱ अब 18 हजार हेक्टेयर तक रकबा पहुंच गया है। वहीं सोयाबीन पर निर्भरता कम करने के लिए विभाग साल दर साल रकबा कम कर अन्य फसलों का रकबा बढ़ा रहा है। इस बार भी करीब 20 हजार हेक्टेयर का प्रस्तावित रकबा कम किया है और मक्का सहित उड़द, ज्वार व अन्य खरीफ सीजन की ङ्क्षजसों का रकबा बढ़ाया जा रहा है।

फसल चक्रको अपनाते हुए इस साल भी कुछ फसलों का रकबा घटाया बढ़ाया गया हैं। विभाग ने कागजों पर खरीफ सीजन की फसलों का रोडमैप बनाया है। जिले में तीन लाख 19 हजार हेक्टेयर सहित क्षेत्र में बोवनी होना है। पिछले सालों में फसलों के रकबे और उत्पादन को देखते हुए इस बार भी प्रस्तावित रूप से इसे कागजों में तैयार कर प्लानिंग की गई। इसमें खाद से लेकर बीज की आवश्यकता को पूरी करने का काम समय पर हो सके। हालांकि जिले में किसान सोयाबीन और अब मूंगफली की खेती ही खरीफ सीजन में अधिक रुचि दिखाते आ रहे है।


वर्ष 2024 में तीन लाख 32 हजार 299 हेक्टेयर भूमि पर खरीफ की बोवनी हुई थी। इसे बढ़ाकर वर्ष 2025 में तीन लाख 34 हजार 100 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया था लेकिन 3 लाख 27 हजार 502 हेक्टेयर में बोवनी हुई थी। अब इस बार 3 लाख 19 हजार 490 हेक्टेयर का लक्ष्य लिया है। कुल बोवनी के लक्ष्य में भी कभी घटने तो कभी बढऩे का क्रम चलता आ रहा है। 15 जून के बाद मानसून की दस्तक के बाद जिले में बोवनी का क्रम शुरू होगा। इसके पहले किसान खेतों में हंकाई-जुताई से लेकर खाद-बीज की अपनी तैयारियां पूरी करने में जुटा हुआ है।


18 हजार हेक्टेयर भूमि पर होगी मूंगफली की बोवनी
खरीफ सीजन 2025 में जिले में सबसे अधिक दो लाख 75 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन बोवनी होगी। जो गत वर्ष से कम है। 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन का रकबा कम किया है। वहीं मूंगफली का रकबा 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार हेक्टेयर किया गया है। मक्का की बोवनी 21 हजार हेक्टेयर, उड़द 4 हजार हेक्टेयर, मूंगफली 18 हजार हेक्टेयर में बोवनी होगी। मंदसौर मंडी में मूंगफली की नीलामी शुरू हुए दो साल हुए है और रकबा भी बढ़ता जा रहा है। 2023 में मूंगफली की बोवनी जिले में सिर्फ एक हजार हेक्टेयर में हुई थी। अब 18 हजार तक रकबा किया जा रहा है। सभी उपज मिलाकर इस साल तीन लाख 19 हजार 490 हेक्टेयर बोवनी का लक्ष्य रखा गया हैं। सरकार के निर्देश पर तिलहन व अन्य को बढ़ावा देने के लिए सोयाबीन को कम किया जा रहा है।


मुख्य फसल का रकबा कम करने का कारण
जिले में खरीफ सीजन की मुख्य फसल सोयाबीन है। बावजूद रकबा कम करने के पीछे विभाग फसल चक्र को अपनाने और किसानों की सोयाबीन पर निर्भरता कम करने के अलावा खरीफ सीजन में इस फसल में अधिक नुकसान होना वजह बताई जा रही है।

3.19 लाख हेक्टेयर भूमि पर होगी बोवनी


जिले में खरीफ की बोवनी का लक्ष्य निर्धारित किया गया हैं। इस साल 3.19 लाख हेक्टेयर भूमि पर खरीफ की बोवनी होगी। सोयाबीन का रकबा कम किया जा रहा है। इसकी जगह मक्का, उड़द और मूंगफली का रकबा बढ़ाया जा रहा हैं। बोवनी से पहले की सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। -रवींद्र मोदी, उपसंचालक, कृषि विभाग

Published on:
30 May 2026 06:04 pm