
मंदसौर
वर्तमान में ग्रीष्म ऋ तु का दौर चल रहा है। इस दौर में हीट वेव भी चल रही है। हीट वेव को लेकर स्वास्थ्य विभाग और पशु विभाग ने केवल कागजी घोड़े दौड़ते हुए लू का अलर्ट जारी किया। लेकिन हीट वेव क्यों हो रही है। उसको लेकर अब तक विभागों ने कोई कार्य नहीं किया है। इसका एक छोटा सा उदाहरण है कि मल्हारगढ़ में नवीन तहसील कार्यालय का निर्माण हेा रहा है। निर्माण को लेकर वहां पर पेड़ काटे गए। लेकिन उसके बाद की केाई प्रक्रिया ही नहीं हुई। दूसरी ओर जिला अस्पताल में लू के लिए कोई अलग से वार्ड तक नहीं है।
वार्ड के बजाए बेड कर दिए आरक्षित
जिला अस्पताल प्रतिदिन ७०० से ९०० मरीज पहुंच रहे है। इनमें कुछ लू के भी मरीज है। इसके अलावा बुखार, सिर दर्द सहित अन्य बीमारियों के मरीज है। जिला अस्पताल में लू लगने से पीडि़त मरीजों के लिए किसी प्रकार का कोई वार्ड नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि जिला अस्पताल में अलग से वार्ड की जगह ही नहीं है। ऐसे में महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग वार्डों में दो-दो बेड आरक्षित कर दिए वही बच्चों के लिए शिशु रोग यूनिट में दो बेड आरक्षित कर रखे है। दो बेड आईसीयू में आरक्षित कर रखे है। स्वास्थ्य अधिकारियों की माने तो अब तक एक भी मरीज लू लगने से भर्ती नहीं हुए है।
सामाजिक संस्थाओं ने संभाली जिम्मेदारी
आमजन से लेकर पशुओं को इस भीषण गर्मी में ठंडे पानी समय पर मिले। उसको लेकर सामाजिक संस्थाओं ने जिम्मेदारी संभाली है। कई सामाजिक संस्थाओं ने शहर से लेकर अंचल तक शीतल जल के लिए जल मंदिर शुरु कि ए। वही दलौदा में श्रीराम सेवा समिति पिछले नौ सालों से लगातार गर्मी के दिनों में रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ठंडा पानी पिला रही है। प्रतिदिन करीब ५० से ६० लोग पानी पिलाने का कार्य रहे है। इसमें प्रतिदिन एक व्यक्ति की ओर से ठंडे पानी की व्यवस्था रहती है।
इसके अलावा मंदसौर और पिपलियामंडी में भी रेलवे स्टेशन पर यात्री गाडिय़ों में समाजसेवी संस्थाएं ठंडा जल पानी पिलाने का कार्य कर रही है। इसके अलावा कई समाजसेवी संस्थाओं ने वाटर कूलर भी लगाए है। इसके अलावा गर्मी से बचने के लिए कई स्कूलेां में समाजसेवी संस्थाओं ने पंखे लगवाए है। नगर पालिका सभी सार्वजनिक और निजी प्याऊ पर प्रतिदिन भरने का कार्य कर रही है।
इनका कहना..
जिला अस्पताल में लू के लिए अलग से कोई वार्ड नहीं है। अलग-अलग वार्डों में दो-दो बेड आरक्षित कर रखे है। अभी तक कोई ऐसा मरीज लू का नहीं आया है। जिसे भर्ती किया जा सके। आईसीयू में भी बेड आरक्षित कर रखे है।
डा सौरभ मंडवारिया, आरएमओ जिला अस्पताल।