
Mandsaur News : बारिश के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में सांपों का निकलना आम बात है। लेकिन, किसी शहरी इलाके की घनी बस्ती में सांप निकल आए तो लोग घबरा जाते हैं और सांप भी अगर कोबरा हो तो हड़कंप मच जाता है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला मध्य प्रदेश के मंदसौर शहर की सस्यंक डायमंड कॉलोनी में, जहां स्थित एक मकान के पानी के टैंक से एक-दो नहीं बल्कि 20 कोबरा निकलने से हड़कंप मच गया है।
हालांकि, ये सभी अभी बच्चे हैं, लेकिन सर्प विशेषज्ञों की मानें तो कोबरा एक ऐसा विषेला सांप है, जिसके बच्चे में व्यस्क के मुकाबले अधिक जहर होता है। ऐसे में स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। इधर, घटना की जानकारी सर्पमित्र कमलदास बैरागी को सूचना दी गई। जानकारी लगते ही मौके पर पहुंचे बैरागी ने कड़ी मशक्कत के बाद सभी बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें वन क्षेत्र में छोड़ा गया है।
जानकारी के अनुसार, सम्यंक कॉलोनी में रहने वाले भेरूलाल के मकान में स्थित पानी के टैंक में कुछ दिनों से हलचल महसूस हो रही थी। कोई उन्हें सांप बताता तो कोई कुछ और ऐसे में मकान मालिक भेरूलाल ने सर्पमित्र कमल दास को इसकी सूचना दी। कमलदास मौके पर पहुंचे तो उन्होंने घर में बने पानी के टैंक की पड़ताल की तो वो भी हैरान रह गए। उन्होंने परिवार को बताया कि, पहली चीज तो टैंक के पानी में दिखने वाली चीजें सांप हैं और वो भी कोबरा। कमलदास के मुंह से कोबरा का नाम सुनते ही घर के सभी लोग हक्के-बक्के रह गए। वो इसपर खुशी जता रहे थे कि, उन्होंने संदिग्ध समझकर उन सांपों को खुद टैंक से निकालने का प्रयास नहीं किया। वरना वो नुकसान भी पहुंचा सकते थे।
सर्पमित्र कमल दास के सामने उन सभी कोबरा को टैंक से बाहर निकालना बड़ी चुनौती थी। टैंक के अंदर उतरकर कोबरा को बाहर निकालना बेहद मुश्किल था। यानी किसपर नजर बनाएं और किसे पकड़ें। एक छोटी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे में कमलदास ने पहले तो टैंक में टैंकर से पानी डलवाया, जिससे टैंक का जल स्तर बढ़ा। टैंक में 7 टैंकर पानी डलने के बाद वाटर लेवल ग्राउंड तक आया। इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से ग्लब्ज पहने और सावधानी पूर्वक सभी कोबरा को टैंक से बाहर निकाला। इस तरह पकड़े गए कोबरा के बच्चों की गिनती की गई तो वो 20 निकले। फिलहाल, सभी को सुरक्षित टैंक से रेस्क्यू कर शहरी इलाके से दूर वन्य क्षेत्र में छोड़ दिया गया है।