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Crude के Rude होने से कहीं निकल ना जाए भारत का दम

अरामको हमले के बाद उच्चतम स्तर पर पहुंचे Brent Crude Oil Price Brent Crude के फरवरी डिलीवरी अनुबंध में 68 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर US-China के बीच व्यापारिक मसले सुलझाने से मिला कीमतों को सपोर्ट

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Brent crude's February delivery contract tops 68 dollar per barrel

नई दिल्ली। देश की इकोनॉमी सुस्ती के दौर से गुजरी रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत ( crude oil price in International Market ) आसमान की सैर करने को निकल चुकी है। मौजूदा समय में क्रूड ऑयल के दाम ( Crude Oil Price ) करीब तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुके हैं। वहीं एक जनवरी से क्रूड ऑयल का प्रोडक्शन ( crude oil production ) कम होने से क्रूड ऑयल की कीमत में और इजाफा होगा। ऐसे में देश की इकोनॉमी में और दबाव बढ़ेगा। मतलब साफ है कि बाकी कारणों के साथ क्रूड ऑयल के दाम भारत का दम निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

तीन महीने के उच्चतम स्तर पर ब्रेंट क्रूड
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इस महीने बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड के दाम में करीब आठ डॉलर प्रति बैरल का इजाफा हुआ है। ब्रेंट क्रूड का भाव तीन महीने से ज्यादा समय के ऊपरी स्तर पर है। इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड के फरवरी डिलीवरी अनुबंध में 68 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार चल रहा था जोकि सऊदी अरब की तेल कंपनी सऊदी अरामको पर सितंबर में हुए हमले के बाद का उच्चतम स्तर है। जानकारों की मानें तो जनवरी महीने में ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 72 डॉलर के पार भी जा सकते हैं।

पेट्रोल और डीजल के दाम में होगा इजाफा
ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम में इजाफा होने के बाद स्थानीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा होने के आसार बढ़ गए हैं। बीते 9 दिनों की बात करें तो देश में औसतन डीजल के दाम 1.25 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं। जनवरी तक इसके 2 रुपए प्रति लीटर तक बढऩे के आसार है। वहीं पेट्रोल के दाम में लगातार दो दिन मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में पेट्रोल के दाम में भी इजाफा होना तय होना माना जा रहा है।

उत्पादन में कमी
एक जनवरी से कच्चा तेल उत्पादक देश उत्पादन में 5 लाख टन बैरल क्रूड ऑयल कटौती कर रहा है। एक जनवरी 2019 को 12 लाख टन बैरल क्रूड ऑयल कटौती हुई थी। यानी अब 17 लाख टन बैरल क्रूड ऑयल कटौती रोज होगी। बीते एक साल में अमरीका और चीन के बीच ट्रेड वॉर था। जिसकी से डिमांड में कमी थी। जिसने कीमतों को हल्का रखा हुआ था। लेकिन अब दोनों देशों के बीच हालात सामान्य हो रहे हैं ऐसे में डिमांड में भी इजाफा हो रहा है। जिसकी वजह से कीमतों को सपोर्ट मिलता हुआ दिखाई दे रहा है।

क्या कह रहे हैं एसपर्ट
एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट-एनर्जी एवं करेंसी रिसर्च अनुज गुप्ता के अनुसार अमरीका और चीन के बीच व्यापारिक मसले सुलझाने की दिशा में हुई प्रगति से बाजार में सकरात्मक संकेत है, इसलिए तेल के दाम को सपोर्ट मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल के दाम में हो रही वृद्धि से आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम में और इजाफा होगा क्योंकि भारत अपनी तेल की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है।

Published on:
27 Dec 2019 11:46 am