
नई दिल्ली। घरेलू और बाहरी उतार-चढ़ाव को देखते हुए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ( Foreign Portfolio Investors ) ने जुलाई में अब तक भारतीय शेयर बाजारों से 5,689 करोड़ रुपए निकाले हैं। माना जा रहा है कि विदेशी निवेशकों ने विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारकों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। फिलहाल इसे विदेशी निवेशकों की ओर से सतर्कता भरा कदम माना जा रहा है।
जोखिम मोल नहीं लेना चाहते एफपीआई
ताजा डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने 1 से 23 जुलाई के दौरान शेयरों से 5,689.23 करोड़ रुपए की निकासी की है। इस दौरान उन्होंने ऋण या बॉन्ड बाजार में 3,190.76 करोड़ रुपए डाले। इस तरह उनकी शुद्ध निकासी 2,498.47 करोड़ रुपए रही। एफपीआई के इस रुख पर मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक और प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि मूल्यांकन में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमरीकी डॉलर के मजबूत होने से विदेशी निवेशक निकट भविष्य में जोखिम उठाने से बच रहे हैं।
बिकवाली पर जोर
वहीं ग्रो के सह-संस्थापक और मुख्य परिचालन अधिकारी ( सीओओ ) हर्ष जैन के मुताबिक सेंसेक्स और निफ्टी इस समय सर्वकालिक उच्चस्तर पर हैं। इस वजह से विदेशी निवेशक निवेश में सतर्कता बरत रहे हैं। जबकि जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार का इस बारे में कहना है कि पिछले छह कारोबारी सत्रों में नकद बाजार में FPI ने लगातार बिकवाली की है।