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अमरीका के प्रतिबंध से डरा भारत, र्इरान से तेल का आयात किया कम

र्इरान पर अमरीकी प्रतिबंधों का पहला दौर 6 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। पेट्रोलियम सेक्टर प्रतिबंध 4 अगस्त से शुरू हो जाएंगे।

2 min read
Jul 30, 2018
Crude oil
अमरीका के प्रतिबंध से डरा भारत, र्इरान से तेल का आयात किया कम

नर्इ दिल्ली। र्इरान पर अमरीकी प्रतिबंध आैर किसी देश को र्इरान से कोर्इ व्यापारिक संबंध ना रखने की अमरीका की धमकी काम करने लगी है। जिसका असर भारत पर भी पड़ने लगा है। रिपोर्ट के अनुसार मर्इ के मुकबाले जून में भारत ने 12 फीसदी कम तेल आयात किया है। ताज्जुब की बात तो ये है कि भारत का र्इरान का दूसरा सबसे बड़ा तेल आयात देश है।

अगले से महीने से लागू हो रहा है प्रतिबंध
र्इरान पर अमरीकी प्रतिबंधों का पहला दौर 6 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। पेट्रोलियम सेक्टर प्रतिबंध 4 अगस्त से शुरू हो जाएंगे। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से लोकसभा में दिए गए जवाब के अनुसार भारतीय रिफाइनर्स ने जून में ईरान से प्रतिदिन 664,000 बैरल तेल खरीदा था। यह मई के मुकाबले कम, लेकिन पिछले साल की तुलना में अधिक है। धर्मेंद्र प्रधान द्वारा जारी आंकड़ों की मानें तो भारतीय रिफाइनरी ने जून 2017 में ईरान से 19 लाख टन कच्चे तेल का आयात किया और जून 2018 में 28.2 लाख टन का ऑर्डर दिया है।'

विवाद की वजह से कर दी थी आयात में कटौती
प्राप्त जानकारी के अनुसार ईरान से आने वाले तेल का 60 फीसदी हिस्सा सरकारी रिफाइनरियां आयात करती हैं। एक बड़े गैस फील्ड के डेवलपमेंट राइट्स से संबंधित विवाद के कारण 2017-18 में ईरान से तेल आयात में कटौती की गर्इ। ईरान की ओर से मुफ्त ढुलाई और क्रेडिट पीरियड को 60 दिन तक बढ़ाए जाने के बाद सरकारी कंपनियों ने मौजूदा वित्त वर्ष में आयात में वृद्धि की। अप्रैल से जून तक ईरान भारत के लिए दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक बन गया।

भारत नहीं चाहता है अमरीकी प्रतिबंध
आपको बता दें कि अमरीका ने भारत समेत सभी देशों को नवंबर तक र्इरान से अपना आयात खत्म करने की चेतावनी दी थी। भारत अब भी इस प्रतिबंध को हटाने के लिए प्रयासरत है। अमरीकी प्रतिबंध का पहला चरण 6 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। वर्तमान में भारत में ईराक और सऊदी अरब के बाद सबसे ज्यादा कच्चा तेल ईरान से आयात होता है।

Published on:
30 Jul 2018 11:29 pm