June में Oil Companies Petrol Diesel Prices बढ़ाने की तैयारी में Prices बढ़ाने से पहले Oil Companies को लेनी होगी Govt Permission
नई दिल्ली। कोरोना वायरस लॉकडाउन 5 ( Coronavirus Lockdown 5 ) देश के लोगों की जेब पर भारी पडऩे की संभावना है। इस दौरान भले ही लॉकडाउन में संभावित छूट मिले, लेकिन प्रबल संभावनाएं इस बात की भी हैं ऑयल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दाम ( Petrol Diesel Price ) में इजाफा कर सकती हैं। जानकारों की मानें तो यह इजाफा 5 रुपए प्रति लीटर तक देखने को मिल सकता है। आपको बता दें कि बीते सप्ताह सरकारी ऑयल कंपनियों की बैठक हुई थी। जिसमें पेट्रोल और डीजल के दाम ( Petrol Diesel Price Hike ) को रोज रिवाइज्ड करने को लेकर भी चर्चा हुई। आपको बता दें कि जिस दिन से देश में लॉकडाउन का दौर शुरू हुआ है, तब से ऑयल कंपनियों की ओर से पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं ( Petrol Diesel Price Unchanged ) किया है। दिल्ली सरकार समेत देश के कई राज्यों की ओर से पेट्रोल और डीजल के दाम पर वैट में इजाफा जरूर किया है।
इसलिए बढ़ सकते हैं दाम
जानकारी के अनुसार लॉकडाउन 5 में देश में काफी रियायत मिलने की संभावना है। जिसके बाद देश में ट्रैफिक के ख्भी काफी हद तक खुल जाने की संभावना है। जिसकी वजह से पेट्रोल और डीजल की डिमांड में इजाफा होगा। यही वजह है ऑयल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा कर सकती हैं। हालांकि ऑयल कंपनियों को सबसे पहले सरकार से इस बात की अनुमति लेनी पड़ेगी। इससे पहले कड़े लॉकडाउन के कारण जरूरी सेवाओं को छोड़कर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। जिस कारण से ऑयल कंपनियों को भारी नुकसान झेलना पड़ा था।
डिमांड ना होने की वजह से बिक्री में भारी गिरावट
लॉकडाउन के कारण पेट्रोल और डीजल की डिमांड में भारी गिरावट देखने को मिली है। वहीं दूसरी ओर क्रूड ऑयल की ग्लोबल डिमांड में कमी आने की वजह से दाम में काफी गिरावट देखने को मिली थी। जिसकी वजह से सरकारी ऑयल कंपनियों को करीब 50 फीसदी से लाभ हुआ है। मौजूदा समय में कच्चे तेल के दाम 30 डॉलर प्रति बैरल पर हैं और इसमें लगातार इजाफा देख्खने को मिल रहा है। कच्चे तेल की कीमत में कमी आने के कारण एक्साइज ड्यूटी में इजाफे का आम लोगों पर असर नहीं दिखाई दिया।
कुछ इस तरह से बढ़ सकते हैं पेट्रोल डीजल के दाम
जानकारों की मानें तो ऑयनल कंपनियों के पेट्रोल और डीजल की खरीद और बिक्री मूल्य में करीब 5 रुपए प्रति लीटर का अंतर आ गया है। अगर इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल के दाम कम या फिर स्थिर रहते हैं तो ऑयल कंपनियों को इस गैप को खत्म करने के लिए 50 पैसे प्रति लीटर की रोजाना बढ़ोतरी के हिसाब से दो सप्ताह का समय लगेगा। वैसे सरकार आम जनता की जेब को देखते हुए 20 से 40 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की इजाजत दे सकते हैं। ऐसे में जून के महीने में सभी पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा देखने को मिल सकता है।
कच्चे तेल की कीमतें भी तय करेंगी पेट्रोल और डीजल के दाम
वहीं दूसरी ओर पूरी दुनिया में लॉकडाउन में ढील दी जा रही है। जिसका असर क्रूड ऑयल के दाम में देखने को मिल रहा है। पिछले महीने के हिसाब से मई के महीने में ब्रेंट क्रूड के दाम में 59 फीसदी का इजाफा हो चुका है। आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल के दाम में और इजाफा होने की संभावना है। जिसकी वजह से देश में पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।