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शेयर बाजार में तय हो सकती है निवेश की सीमा, अमरीका की तर्ज पर उठाया जा सकता है कदम

शेयर बाजार को जोड़तोड़ और अस्थिरता से बचाने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) शेयरों और इक्विटी डेरिवेटिव में निवेश की सीमा तय कर सकता है।

2 min read
Aug 13, 2018
शेयर बाजार में तय हो सकती है निवेश की सीमा, अमरीका की तर्ज पर उठाया जा सकता है कदम

नई दिल्ली।शेयर बाजार को जोड़तोड़ और अस्थिरता से बचाने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) शेयरों और इक्विटी डेरिवेटिव में निवेश की सीमा तय कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक, सेबी ने स्टॉक ब्रोकरों को इस प्रस्ताव की जानकारी दी है। एक ब्रोकर के मुताबिक सेबी चार्टर्ड एकाउंटेंट और ब्रोकरों से जानकारी के आधार पर निवेशकों के निवेश और परिसंपत्तियों की पुष्टि कराना चाहता है। इसके आधार पर ही इक्विटी में उनके निवेश की सीमा तय की जाएगी।

अमरीका की तर्ज पर उठा सकते हैं कदम
यह प्रस्ताव अमरीका सहित कुछ विकसित देशों में प्रचलित मान्यताप्राप्त निवेशक (अक्रेडिटेड इन्वेस्टर) की अवधारणा जैसा है। इन देशों में अक्रेडिटेड इन्वेस्टर उन निवेशकों को माना जाता है जो आमदनी, नेटवर्थ, परिसंपत्तियों और पेशेवर अनुभव आदि की शर्तें पूरी करते हैं। अमरीका में यह व्यवस्था उन निवेशकों को बचाने के लिए के लिहाज से अपनाई गई है, जो निवेश के आर्थिक जोखिमों को बर्दाश्त नहीं कर सकते।

निवेशकों पर होगा असर
अगर भारत में यह प्रस्ताव लागू होता है तो इसका बड़े पैमाने पर निवेशकों पर असर होगा। ब्रोकरों को डर है कि इसके लागू होने से उनके कारोबार में कमी आएगी क्योंकि ज्यादातर छोटे निवेशक नेटवर्थ की शर्त पूरी नहीं कर पाएंगे। सेबी से हाई नेटवर्थ इन्वेस्टर (एचएनआई) को इस प्रस्ताव से अलग रख सकता है।

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Published on:
13 Aug 2018 08:40 pm
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