4.17 फीसदी के साथ 9 माह के निचले स्तर पर पहुंचा महंगार्इ दर, सब्जियों की कीमते रहीं मुख्य वजह

4.17 फीसदी के साथ 9 माह के निचले स्तर पर पहुंचा महंगार्इ दर, सब्जियों की कीमते रहीं मुख्य वजह

Saurabh Sharma | Publish: Aug, 13 2018 07:44:14 PM (IST) | Updated: Aug, 14 2018 10:04:16 AM (IST) अर्थव्‍यवस्‍था

मौजूूदा वर्ष के जुलाई में फल, अंडा, पान- तंबाकू, कपड़े, आवास एवं स्वास्थ्य सेवाओं की कीमतों में वृद्धि होने के कारण खुदरा मुद्रास्फीति की दर पिछले साल के मुकाबले बढ़कर 4.17 फीसदी दर्ज की गयी है।

नर्इ दिल्ली। मौजूूदा वर्ष के जुलाई में फल, अंडा, पान- तंबाकू, कपड़े, आवास एवं स्वास्थ्य सेवाओं की कीमतों में वृद्धि होने के कारण खुदरा मुद्रास्फीति की दर पिछले साल के मुकाबले बढ़कर 4.17 फीसदी दर्ज की गयी है। सरकार के सोमवार को यहां जारी आंकड़ों के अनुसार बीते वर्ष के इसी माह में खुदरा मुद्रास्फीति की दर 2.36 फीसदी थी। हालांकि पिछले महीने जून 2018 में यह आंकड़ा 4.92 फीसदी था। जुलाई 2018 में फल, अंडा, पान तंबाकू, कपड़े, आवास, ईंधन, सौंदर्य प्रसाधन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की कीमतों में वृद्धि हुई जबकि दालों, सब्जी और चीनी के दामों में गिरावट दर्ज की गयी है। आइए आपको भी बताते हैं कि सरकार के आंकड़ें क्या कह रहे हैं...

इनके बढ़े दाम
आंकड़ों के अनुसार जुलाई में मोटे अनाज की कीमतों में 2.92 फीसदी की तेजी आयी है। इसी अवधि में मांस-मछली में 2.26 फीसदी, अंडा में 7.41 फीसदी, दूध एवं उत्पाद में 2.96 फीसदी, तेल एवं वसा में 2.79 फीसदी और फल के दामों में 6.98 फीसदी की तेजी आर्इ है। आंकड़ों में बताया गया है कि शीतल पेयों के दामों में 1.40 फीसदी, तैयार खाद्य पदार्थ में 4.46 फीसदी, पान-तंबाकू में 6.30 फीसदी, कपड़े में 5.38 फीसदी और जूता चप्पल में 4.77 फीसदी वृद्धि दर्ज की गयी है। इसके अलावा आवास की कीमतें 8.30 फीसदी, ईंधन की 7.96 फीसदी, सौंदर्य प्रसाधन की 5.36 फीसदी स्वास्थ्य सेवाएं की 5.8 फीसदी , परिवहन एवं संचार की 6.55 फीसदी और शिक्षा की कीमतें 5.77 फीसदी ऊंची रही हैं।

ये हुआ सस्ता
एेसा नहीं है कि सामान सिर्फ महंगा ही हुआ है। कुछ सामानों की कीमतों में गिरावट भी देखने को मिली है। अगर पहले बात सब्जियों की करें तो तो सब्जी के दामों में 2.96 फीसदी की गिरावट देखने को मिली हैं। वहीं दालों में 8.91 फीसदी कमी देखने को मिली हैं। अंत में बात चीनी की करें तो चीनी की कीमतों में 5.81 फीसदी की कमी दर्ज की गर्इ है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार इस महंगार्इ को चुनाव आने तक कितनी कम कर कर पाती है।

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