आर्थिक गतिविधियों में फिर से गिरावट आने से Fuel Demand में आई गिरावट Local Lockdown और Fuel की बढ़ती कीमतें भी बन रही है सबसे बड़ी वजहें
नई दिल्ली। जून में अनलॉक ( Unlock 1.0 ) का ऐलान हुआ था, जिसके बाद आर्थिक गतिविधियों में तेज आने की वजह से पेट्रोल और डीजल के डिमांड में तेजी आई थी, लेकिन कोरोना वायरस ( Coronavirus Lockdown ) की वजह से एक बार फिर से आर्थिक गतिविधियों में गिरावट देखने को मिली है। जिसकी वजह से डिमांड में गिरावट आई है। वहीं दूसरी ओर लोकल लॉकडाउन ( Coronavirus Local Lockdown ) और फ्यूल की बढ़ती कीमतें ( Fuel Price Rise ) भी डिमांड में गिरावट ( Petrol Diesel Demand Down ) की वजह बनी हुई है। आइए आपको भी बताते हैं कि मौजूदा समय में किस तरह के आंकड़ें सामने आए हैं।
डीजल की डिमांड में गिरावट
- जुलाई के पहले 15 दिनों में जून के मुकाबले डीजल की डिमांड में 18 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
- समान अवधि में पेट्रोल की डिमांड में 6 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
- साल-दर-साल तुलना करें तो जुलाई के पहले 15 दिनों में डीजल की डिमांड में 21 फीसदी की गिरावट।
- समान अवधि में पेट्रोल की डिमांड में 12 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
- जून महीने में साल-दर-साल आधारित पूरे महीने में डीजल की डिमांड में 17 फीसदी गिरावट थी।
- समान अवधि में पेट्रोल की डिमांड में 15 फीसदी की गिरावट आई है।
क्या कहते हैं जानकार
जानकारों की मानें तो जुलाई के महीने में मॉनसून के कारण भी पेट्रोल-डीजल की डिमांड पर असर हुआ है। वहीं जून के महीने में लॉकडाउन के बाद जैसे ही मोबिलिटी को आजादी मिली, फ्यूल डिमांड में वी शेप में रिकवरी दिखाई दी। इन्होंने सरकार से अपील की है कि लोकल लॉकडाउन के बीच मोबिलिटी पर किसी तरह का असर नहीं होना चाहिए। आपको बता दें कि जुलाई के महीने में 5 दिन बढ़ोतरी देखने को मिल चुकी है। जबकि जून के महीने में डीजल की कीमत में 11 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिली थी।