
CM Yogi Mathura Scholarship Distribution: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 4 लाख 60 हजार छात्र-छात्राओं को बड़ी सौगात दी है। सीएम योगी ने एक क्लिक के जरिए इन विद्यार्थियों के बैंक खातों में 148 करोड़ रुपए की स्कॉलरशिप ट्रांसफर की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने छात्रों को अपनी पढ़ाई पर ही सबसे पहला निवेश करने और अपना खुद का बुक बैंक बनाने की खास सलाह दी।
इस दौरान सीएम योगी ने रोजगार और महिला सशक्तिकरण को लेकर भी कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि अगले 6 महीने में प्रदेश में 1 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी जाएगी और 50 हजार बेटियों को स्कूटी मिलेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर भी जमकर निशाना साधा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिलती थी और पूरी राशि भी नहीं पहुंचती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के कारण छात्रों की छात्रवृत्ति का पैसा बीच में ही गायब हो जाता था। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले SC/ST के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति नहीं भेजी गई और सरकार ने उनका पैसा खा लिया। योगी ने कहा कि जब यह मामला उनके संज्ञान में आया तो सरकार ने 2 साल की छात्रवृत्ति एक साथ विद्यार्थियों को दी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीयत साफ हो तो विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं दी जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने छात्रवृत्ति की तारीख भी तय की है। विद्यार्थी अप्रैल, मई, जून या जुलाई में प्रवेश लेता है तो प्रवेश प्रक्रिया पूरी होते ही छात्रवृत्ति की राशि उसके बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से कहा कि हर महीने विद्यार्थियों के खातों में पैसा पहुंचना चाहिए। कोई भी बच्चा छात्रवृत्ति से छूटना नहीं चाहिए। योगी ने बताया कि पिछली बार SC/ST विद्यार्थियों की जानकारी लेने पर पता चला कि करीब 4 लाख बच्चों का डाटा पोर्टल पर दर्ज नहीं था। इसके बाद सरकार ने पोर्टल शुरू कराया।
सीएम योगी ने कहा कि आज सरकार में कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने संघर्ष करते हुए अपनी पहचान बनाई। उन्होंने मंत्री ओम प्रकाश राजभर का उदाहरण देते हुए कहा कि, "अगर ओमप्रकाश राजभर को समय पर छात्रवृत्ति मिल जाती तो वे भी आपकी तरह होनहार बनते, नेता नहीं बनते।" इसी तरह संजीव कुमार गोंड भी सोनभद्र के जंगलों में भटकते थे और बाद में जनता की आवाज बने। आज वे मंत्री हैं। योगी ने कहा कि असीम अरुण पढ़ाई करके IPS बने। वह ADG रैंक तक पहुंचे और कानपुर के पुलिस कमिश्नर भी रहे। इसके बाद उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देकर चुनाव लड़ा और आज मंत्री हैं। उन्होंने दानिश आजाद और नरेंद्र कश्यप का भी उदाहरण दिया।
सीएम योगी ने कहा कि छात्रवृत्ति का यह कार्यक्रम केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की पहचान को लेकर गलत धारणा बन गई थी। बाहर यूपी का नाम बताने पर यूपी वाला कहकर बाहर कर दिया जाता था। लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। योगी ने कहा कि उस समय स्कूलों में शिक्षक नहीं थे और कई स्कूल भवन जर्जर थे। उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अराजकता और गुंडागर्दी का माहौल था। हर साल 100 में से करीब 20 बच्चे पढ़ाई छोड़ देते थे और कई स्कूल वीरान हो गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकार अच्छी शिक्षा और बेहतर माहौल देने पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अब यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 3 महीने तक नहीं चलतीं, बल्कि 15 दिन में परीक्षा पूरी हो जाती है। इसके साथ ही करीब 1 महीने में परिणाम घोषित कर दिया जाता है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। उन्होंने यूपी को देश की प्रगति का ग्रोथ इंजन बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि DBT के जरिए छात्रवृत्ति में होने वाली सेंधमारी को रोका गया है। उनके मुताबिक पहले बाबूगिरी के जरिए पैसा इधर-उधर होता था और विद्यार्थियों तक कम राशि पहुंचती थी। अब पैसा सीधे विद्यार्थियों के खाते में पहुंचता है। योगी ने कहा कि उनकी सरकार अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। अगले 6 महीने में 1 लाख और नौजवानों को सरकारी नौकरी देने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अगले महीने 50 हजार बेटियों को स्कूटी देने जा रही है। उन्होंने 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर स्नातक की पढ़ाई तक 25 हजार रुपए की मदद दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले सैफई सिंडिकेट को लूट-खसोट से फुर्सत नहीं थी। योगी ने कहा कि जो व्यक्ति सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचेगा, वह प्रदेश के बारे में कैसे सोचेगा? मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश पिछड़ता गया और प्रदेश में दंगे, रोजगार और पहचान का संकट तथा बेटियों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं थीं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "नो कर्फ्यू, नो दंगा, अब यूपी में सब चंगा।" योगी ने युवाओं को उत्तर प्रदेश का भविष्य बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का विजन देश के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि आज के 15 से 18 साल के युवा अगले 21 साल में 36 से 48 साल की उम्र में होंगे। उस समय भारत को विकसित बनाने में उनकी भूमिका होगी। सीएम योगी ने युवाओं से मेहनत करने की अपील करते हुए कहा कि देश से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि देश खुशहाल होगा तो हर व्यक्ति भी खुशहाल होगा।