मथुरा

पेंशन घोटाला करने वालों को कोर्ट से झटका, जाना होगा जेल

-गांव बछगांव के प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं सिंडीकेट बैंक के प्रबंधक ने अपात्र लोगों के नाम से पेंशन के नाम पर लाखों रुपए डकारने का आरोप।
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Updated: 16 Jun 2019, 9:30 PM IST
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मथुरा। गोवर्धन तहसील के खंड विकास अधिकारी के साथ मिलकर गांव बछगांव के प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं सिंडीकेट बैंक के प्रबंधक ने अपात्र लोगों के नाम से पेंशन के नाम पर लाखों रुपए डकार लिए। कई बार शिकायतें करने के बाद एफआईआर तो दर्ज हुई लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हो सका। आरोपियों ने बचने के लिए न्यायालय की शरण ली लेकिन न्यायालय ने आरोपियों की याचिका खारिज कर दी। याचिका खारिज होने से आरोपियों के जेल जाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है।

जनता अंगेस्ट करप्शन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हरीशचंद्र द्वारा थाना मगोर्रा में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, बछगांव के प्रधान महेंद्र प्रताप ने ग्राम पंचायत अधिकारी बछगांव विशन सिंह, खंड विकास अधिकारी गोवर्धन गौरवेंद्र सिंह एवं सिंडीकेट बैंक के प्रबंधक ने पेंशन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ मिलकर कुछ अपात्र लोगों की पेंशन के नाम पर लाखों रुपए हड़प लिए हैं। इनमें बछगांव के ही दो वर्ष पूर्व मर चुके महाराज सिंह पुत्र फगुनी, करीब 15 वर्ष पूर्व ही अन्य जगह शादी होने से बछगांव में विकलांग पेंशन के लिए अपात्र लक्ष्मी पुत्री नेम सिंह एवं दस साल से अन्य पंचायत में रह रही विकलांग पेंशन के लिए अपात्र कमलेश पत्नी मोहन सिंह के नाम पर इनके खातों में पेंशन संख्या क्रमशः 311971009207, 31191008637 एवं 31191008632 से धनराशि लगातार निकाली गई।

इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी, एडीओ समाज कल्याण गोवर्धन सहित अन्य अधिकारियों से की गई। जिला दिव्यांगीकरण सशक्तिकरण अधिकारी की जांच में यह पेंशन अपात्र पाई गईं। आरोपियों से इसकी रिकवरी करने के लिए आवश्यक दस्तावेज मांगे गए लेकिन ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी, खंड विकास अधिकारी आदि ने यह दस्तावेज जमा नहीं कराए। ताकि उनसे रिकवरी न हो सके। इसके बाद जब हरीशचंद्र ने कई स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों से इसकी शिकायत की तो बमुश्किल थाना मगोर्रा में आरोपियों के खिलाफ 20 मई 2019 को न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। जांच और कार्यवाही से बचने के लिए आरोपी हाईकोर्ट चले गए और याचिका दायर की।

11 जून को न्यायालय ने आरोपियों को किसी भी प्रकार की राहत न देते हुए इनकी याचिका खारिज कर दी। इससे अब आरोपियों में खलबली मच गई है। सूत्रों के अनुसार यदि इस घपले की सही से जांच हो जाए तो कई अन्य अधिकारियों की गर्दन में भी इस घोटाले में फंस सकती है।

मथुरा ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत उस्फार में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया है। राधा नामक महिला का पति जीवित है और वह विधवा पैंशन ले रही है। इसकी शिकायत भी अधिकारियों से कई बार की गई है लेकिन कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं है। शिकायतकर्ता महिला ओमवती ने बताया कि इसी ग्राम पंचायत की जो राधा नामक महिला विधवा है उसे विधवा पैंषन से वंचित कर, दूसरी महिला को पैंषन दी जा रही है जिसका कि पति जिंदा है।

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