
मथुरा के वृंदावन में सोमवार रात एक दर्दनाक हादसे में गुरुकुलम के चार छात्रों की जान चली गई। पानी के टैंक की सफाई करने उतरे पांच छात्र जहरीली गैस की चपेट में आ गए। चार को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि पांचवें छात्र की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना चैतन्य बिहार स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुलम में रात करीब 10 बजे हुई। टैंक से बदबू आ रही थी, जिसे साफ करने के लिए छात्रों ने पहले ढक्कन हटाया और बाल्टियों से पानी निकालकर उसे खाली किया। इसके बाद एक छात्र सफाई के लिए अंदर उतरा, लेकिन गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। साथियों ने आवाज लगाई, मगर कोई जवाब नहीं मिला।
उसे निकालने के लिए एक-एक कर चार और छात्र टैंक में उतरते गए और सभी बेहोश हो गए। इससे गुरुकुलम में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पांचों छात्रों को टैंक से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने मनु कटारे (20), देवांश (17), विशु (18) और आर्यन (18) को मृत घोषित कर दिया। रुद्राक्ष (18) का इलाज चल रहा है और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
एक छात्र के साथी ने बताया कि पहले टैंक का ढक्कन हटाया गया और बाल्टियों से पानी खाली किया गया। उसके अनुसार, एक छात्र सबसे पहले अंदर उतरकर बेहोश हुआ और फिर उसे निकालने के प्रयास में बाकी लोग भी बेहोश होते चले गए।
घटना पर जिलाधिकारी सीपी सिंह ने कहा: "देखिए आज वृंदावन के चैतन्य बिहार में एक वृंदावन गुरुकुलम है जिसमें गुरुकुल चलता है। ये मध्य प्रदेश के आशीष कुमार शर्मा जी हैं जिनके द्वारा ये गुरुकुल संचालित किया जा रहा है। इसमें लगभग 200 के आसपास बच्चों का एडमिशन है और वर्तमान में लगभग 100 बच्चे इस गुरुकुल में रह रहे थे।
आज शाम को इसी बिल्डिंग के अंदर पानी अंडर ग्राउंड पानी का टैंक बना हुआ था। जिसमें बदबू आने पर जो यहां गुरुकुल के बच्चे थे वह उस टैंक को साफ करने के लिए नीचे उतरे। जो टैंक है वह लगभग 12 14 फीट गहरा है और चार 3/3 का और उसकी लंबाई चौड़ाई होगी।
मुझे लगता है कि उसमें काफी दिनों से ये टैंक बंद था और पानी भरा हुआ था। उसमें गैस रही होगी जिसके कारण वो बच्चे पांच बच्चे उतरे थे और पांचों बेहोश हुए। बहुत ही भाग्यपूर्ण तरीके से चार बच्चों की असमायिक मृत्यु हुई है। जिनकी उम्र वही लगभग 16 17 साल है। 18 साल होगी। एक बच्चा बच गया है जिसकी उम्र लगभग 15 साल है। रुद्र नाम है।
बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई है और तत्काल माननीय मुख्यमंत्री जी ने घटना का संज्ञान लिया और निर्देश दिए कि पूरी राहत बचाव युद्ध स्तर पे किया जाए और जो घायल हैं उनका पर्याप्त इलाज कराया जाए। अह शोक संवेदना उन्होंने व्यक्त की है और हम सभी नए बच्चे हमारे थे। हमारे बीच नहीं रहे हैं। हम सभी का मन पीड़ा से भरा हुआ है।
इसकी पूरी जांच कराएंगे कि गुरुकुल की मान्यता थी कि नहीं थी। किन परिस्थितियों में इन बच्चों से पानी का टैंक साफ कराया जा रहा था। क्यों मतलब इसका प्रॉपर व्यवस्था नहीं की गई। जो भी कारण पूरी घटना दुर्घटना का है उसकी मैजिस्टरियल जांच भी कराई जाएगी और पूरा प्रयास किया जाएगा।
नए सिरे से चेकिंग कराई जाएगी कि इस तरीके की कोई की पुनरावृति ना हो। घटना बहुत ही हृदय विदारक है और बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।"
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