मथुरा

Mission Chandrayaan 2 से जुड़ा मथुरा का नाता, लॉन्चिक के दौरान युवा वैज्ञानिक आयुश गर्ग रहेंगे सपरिवार मौजूद

-मथुरा का युवा वैज्ञानिक भी बनेगा चंद्रयान-2 (mission chandrayaan 2) की लाचिंग का गवाह
2 min read
• •
Updated: 21 Jul 2019, 7:32 PM IST
Ayush Garg
Mission Chandrayaan 2 से जुड़ा मथुरा का नाता, लॉन्चिक के दौरान युवा वैज्ञानिक आयुश गर्ग रहेंगे सपरिवार मौजूद

मथुरा। चंद्रयान-2 मिशन mission chandrayaan 2 से मथुरा का भी नाता जुड़ गया है। मथुरा के एक युवा वैज्ञानिक को इसरो ने इस अभियान का साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया है। मथुरावासियों के लिए यह गौवर का क्षण है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र Indian space Research Organisation (ISRO) जब अपने महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 mission chandrayaan 2 को लॉन्च करेगा तब नासाNational Aeronautics and Space Administration (NASA) के तमाम प्रमुख वैज्ञानिकों सहित विश्व के अन्य कई जाने माने वैज्ञानिकों के बीच कृष्ण की पावन स्थली का एक युवक भी अपने परिवार के साथ वहां मौजूद होगा।

जनपद के प्रमुख समाजसेवी अनुज गर्ग के परिवार को यह गौरव उनके पुत्र की वजह से प्राप्त हुआ है। युवा वैज्ञानिक आयुश गर्ग रक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में लगातार कई सफल रिसर्च कर चुके हैं। मोदी सरकार की महत्वपूर्ण योजना के एक पार्ट चंद्रयान-2 में ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर हैं। इस मिशन की एक खास बात यह भी है कि इसके ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर भारत में ही बने हैं।

यह भी पढ़ें- Weather change कान्हा की नगरी में जमकर बरसे इंद्र देव, गर्मी से मिली राहत, देखें वीडियो

चंद्रयान-2 का सबसे खास मकसद चंद्रमा की सतह पर पानी की खोज करना है। लॉन्चिंग के तकरीबन दो महीने बाद 3.84 लाख किलोमीटर की यात्रा पूरी करके चंद्रयान-2 चांद पर पहुंचेगा। इसरो पहले इसे गत सोमवार रात 2 बजकर 51 मिनट पर श्रीहरिकोटा sriharikota (आंध्र प्रदेश) से लॉन्च करने वाला था लेकिन तकनीकी कारणों से तब चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को टाल दिया गया। चंद्रयान-2 के साथ ही भारत की नजर अब वीनस (शुक्र) और सूर्य तक है।

यह भी पढ़ें- govardhan parikrama लगाने आए युवक की राधाकुंड में डूबने से मौत

भारत अगर इस मिशन में कामयाब होता है तो वह चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाले देशों की फेहरिस्त में शामिल हो जाएगा। अब तक चांद की सतह पर अमरीका, रूस और चीन सॉफ्ट लैंडिंग कर चुके हैं। चंद्रमा पर पहुंचने के बाद चंद्रयान-2 का रोवर जिसे ‘प्रज्ञान’ PRAGYAN नाम दिया गया है वह पृथ्वी के 14 दिनों तक परीक्षण करेगा। चंद्रयान-2 के अलावा भारत का अगला सबसे बड़ा मिशन गगनयान Mission Gaganyan है। जिसके तहत 2022 तक मानव को अंतरिक्ष Space में भेजना है।

Published on:
Also Read
View All
Mathura News: RSS के शताब्दी वर्ष का समापन, गोवर्धन में हजारों स्वयंसेवकों ने निकाली 12 किलोमीटर भव्य यात्रा

कौन हैं मीरा राठौर? मुस्कान और रविता को फांसी देने के लिए जल्लाद बनने की जताइ इच्छा, DM को सौंपा प्रार्थना पत्र

‘अमेरिका से आए तिलचट्टे दिल्ली में फैलारहे हैं अराजकता’, हिमाचल प्रभारी श्रीकांत शर्मा का विपक्ष पर करारा हमला; SIR विवाद पर खोली पोल

नीला ड्रम केस: फांसी की सजा के बाद मुस्कान ने उठाया अगला कदम, जेल अधीक्षक से मांगी कानूनी मदद

‘कसाब भी हाथ में कलावा बांधकर घुसा था’, मतदाता सूची से फर्जी नाम कटने पर भड़के श्रीकांत शर्मा, राहुल गांधी पर बोला तीखा हमला