आरएसएस की मुस्लिम विंग मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के दस सदस्यीय दल को मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। टीम के सदस्यों ने बताया कि वह साइट के ऐतिहासिक महत्व का विश्लेषण करने पहुंचे थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने प्रवेश नहीं करने दिया।
आरएसएस की मुस्लिम विंग मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ताओं को कृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह परिसर में प्रवेश करने से रोकने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि बुधवार को मुस्लिम राष्ट्रीय विंग का दस सदस्यीय दल ने मथुरा स्थित कृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह पहुंचा था। लेकिन, वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने मुस्लिम विंंग की टीम को परिसर में प्रवेश करने नहीं दिया। टीम ने बताया कि वह साइट के ऐतिहासिक महत्व का विश्लेषण करने पहुंचे थे।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के नेता तुषार कांत का कहना है कि उनकी टीम ने कृष्ण जन्मभूमि को दूर से देखा और ईदगाह के इतिहास के बारे में जानने की इच्छा व्यक्त की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने प्रवेश करनेे से रोक दिया। उन्होंने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच प्रमुख इंद्रेश कुमार के निर्देश पर टीम मथुरा पहुंची थी। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की सदस्य रेहाना खातून का कहना कि मंच सभी मुसलमानों से ये अपील करता है कि वे पहले भारतीय हैं। देश में शांति कायम रखने की जिम्मेदारी मुस्लिम समुदाय की है।
जाफरी बोले- मुसलमानों को वहां नहीं पढ़नी चाहिए नमाज
जबकि टीम सदस्य आसिफ जाफरी का कहना है कि ऐसे स्थान पर नमाज पढ़ना गलत है, जो मुसलमानों की नहीं है। आसिफ ने बताया कि साइट पर हर कलाकृति को देखने से यह पता चलता है कि यह अतीत में एक मंदिर ही था। वहीं एक अन्य सदस्य मरियम खान ने कहा कि इस्लाम आपस में लड़ना नहीं सिखाता है। भविष्य की पीढ़ियां इन विवादों को आपसी सूझबूझ से सुलझाएं।
भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष ने उठाए सवाल
कृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह परिसर में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के प्रवेश पर भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष सामी अघई का कहना है कि ये मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए आरएसएस की मुस्लिम विंग को विवादित स्थल पर अशांति फैलाने के लिए नहीं जाना चाहिए था, बल्कि कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए।