गौरतलब है कि इस योजना को गति देने के लिए योगी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में ही राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का वादा किया था। वहीं जनवरी में राज्य कैबिनेट की तरफ से इस प्रस्ताव को हरी झंडी भी दे दी गई थी। लेकिन इस योजना को अमल में आने से पहले ही प्रदेश में चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई थी। बता दें, इस योजना को स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने सौ दिन के एजेंडे में शामिल किया गया है। इसके लिए सभी कर्मचारियों का स्टेट हेल्थ कार्ड बनेगा, जिसकी मदद से वह कैशलेस इलाज की फ्री सुविधा का लाभ उठा पाएंगे।