
मथुरा। भागवताचार्य देवकी नंदन ठाकुर ने अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के खिलाफ ताल ठोक रखी है। छह सितम्बर को भारत बंद में उन्होंने सहयोग किया था। नौ सितम्बर को शांति सेवा धाम, वृंदावन में सभा करके ‘अखंड इंडिया मिशन’ बनाया है, जो सामाजिक मुद्दों को लेकर देशभर में संघर्ष करेगा। इसके साथ ही पुलिस ने देवकी नंदन ठाकुर पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सभा करने पर उन्हें नोटिस दिया गया है, जिसमें लोगों को भड़काने का आरोप लगाया गया है।
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ये कहा गया है नोटिस में
थाना प्रभारी निरीक्षक वृन्दावन वीरपाल सिंह भाटी की ओर से शांति व्यवस्था को नुकसान की आशंका जताते हुए देवकीनंदन महाराज के नाम से एक नोटिस दिया गया है। इसमें कहा गया है कि वह व्यक्तिगत हितों के लिये शांति सेवा धाम में बैठक कर लोगों को भड़का रहे हैं। नोटिस के माध्यम से कानून व्यवस्था बिगड़ने पर कठोर कार्रवाई की बात कही गयी है। हालांकि नोटिस पर थाने की मुहर तक नहीं लगाई गई है। भाटी का कहना है कि अगर सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ा तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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नोटिस से आंदोलन रुकने वाला नहीं
इस बारे में देवकी नंदन ठाकुर ने पत्रकारों से कहा कि पुलिस ने नोटिस देकर समाज में हिंसा फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। इस तरह के नोटिस से कोई आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि वे न तो विपक्ष के साथ हैं और न ही सरकार के खिलाफ हैं। वे समाज में विघटन पैदा करने वालों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इसके लिए उन्हें जान से मारने की धमकी तक मिल चुकी है।
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