मथुरा में नगर निगम के लोगो पर भगवान बांके बिहारी के साथ.साथ राम मंदिर, गोवर्धन पर्वत और यमुना को दर्शाया गया है। जिसपर संत समाज ने नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि कूड़ा गाड़ियों पर से अगर फोटो नहीं हटाए गए उग्र आंदोलन के लिए हम लोग बाध्य होंगे।
मथुरा में नगर निगम के अधिकारियों का एक और नया कारनामा सामने आया है। यहां नगर निगम के लोगो पर भगवान बांके बिहारी के साथ-साथ राम मंदिर, गोवर्धन पर्वत और यमुना को दर्शाया गया है। जिसपर संत समाज ने नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि कूड़ा गाड़ियों पर से अगर फोटो नहीं हटाए गए उग्र आंदोलन के लिए हम लोग बाध्य होंगे। गौरतलब है कि मथुरा व वृंदावन नगर निगम के द्वारा लोगों को सुविधा मुहैया कराते हुए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए गाड़ियों को लगाया गया था। इन गाड़ियों पर भगवान बांके बिहारी के फोटो के साथ.साथ राम मंदिर, गोवर्धन पर्वत और यमुना के चित्र को भी दर्शाया गया है। ऐसा एक या दो, नहीं बल्कि सैकड़ों गाड़ियों पर है। उधर, कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों पर लगी आराध्य की फोटो वायरल होने से वृंदावन के संतों में आक्रोश है।
कहा, आंदोलन करने के लिए होंगे बाध्य
नगर निगम की कूड़ा गाड़ियों पर लगे आराध्य के फोटो को लेकर वृंदावन के संतो से जब बात की तो उन्होंने बताया कि यह गलत है और इस तरह की फोटो गाड़ियों पर नहीं लगनी चाहिए। वृंदावन के संत फूलडोल दास महाराज से जब इस मामले को लेकर बात की तो उन्होंने बताया कि पूरे गाड़ियों पर जिस तरह से फोटो लगाए गए हैं किसी अधिकारी की मानसिकता विकृत नजर आती है। जिसे भी इस तरह की फोटो लगवाए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द अगर यह फोटो कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों से नहीं हटाए गए तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
सख्त कार्रवाई की मांग की
वहीं आचार्य बागीश और मोहिनी शरण महाराज से बात की तो उन्होंने कहा कि नगर निगम अपने लोगों में कुछ भी लगाए यह उनकी मर्जी है। अगर नगर निगम के लोगों में हमारे आराध्य बांके बिहारी, राम मंदिर, गोवर्धन पर्वत और यमुना का चित्र है तो हम इसका विरोध करते हैं। अधिकारियों की विकृत मानसिकता हो गई है जो इस तरह की फोटो एक कचरा उठाने वाली गाड़ियों पर लगवा दिए गए हैं। नगर निगम के अधिकारियों से यह अपील है कि इन गाड़ियों से फोटो हटवा कर कुछ और लगवा दिया जाए। फोटो अगर नहीं हटाए जाते हैं तो संत समाज आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। जिसने भी यह फोटो जानबूझकर लगवाए हैं उसके खिलाफ कार्रवाई भी होनी चाहिए।