वहीं आरक्षण पर बोलते हुए कहा देश में आरक्षण से कोई लाभ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह आरक्षण की व्यवस्था किसी से छीन कर, किसी को देने जैसी है।
मथुरा। द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद वृन्दावन प्रवास पर आये हुए हैं। इस दौरान उन्होंने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक्ट भारतीय समाज में विघटन का कारण बनेगा। उन्होंंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भी केंद्र सरकार के कदम को गलत बताया।
निरपराध दंडित न हो
शारदा द्वारका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि अपराधी दंडित होना चाहिए लेकिन निरपराध दंडित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एससी/एसटी एक्ट से वैमनस्यता बढ़ेगी। सवर्ण लोग भी अपने विरोधी को नीचा दिखाने के लिए एक दूसरे के ऊपर आरोप लगा देते हैं और व्यक्ति जेल में चला जाता है। उन्होंने कहा कि यह हमेशा के लिए देश को बांटने वाला होगा।
आरक्षण व्यवस्था पर सवाल
वहीं आरक्षण पर बोलते हुए कहा देश में आरक्षण से कोई लाभ नहीं है। उन्होंने कहा कि यह आरक्षण की व्यवस्था किसी से छीन कर, किसी को देने जैसी है। हम चाहते हैं कि जिनके पास सद्बुद्धि है, नौकरी है उनको आरक्षण की क्या जरूरत है। जो लोग वाकई में पिछड़े हैं, वंचित हैं उनको आगे बढ़ाएं।साथ ही शंकराचार्य ने कहा कि उन्नति में सभी को समान अवसर मिलना चाहिए। जातिगत आरक्षण किसी भी हालत में नहीं मिलना चाहिए। भारत का नागरिक है तो उसे आरक्षण उन्नति के आधार पर मिलना चाहिए।
मोदी सरकार पर निशाना
वहीं मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इनकी नियत राम मंदिर बनाने की नहीं है। अगर इनको राम मंदिर बनाना ही था तो वीपी सिंह को क्यों नहीं सम्मिलित किया।