
SIR Controversy: मथुरा में हिमाचल प्रदेश के प्रभारी, पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा ने दिल्ली में जारी राजनीतिक हलचलों और विपक्षी प्रदर्शनों को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतों और फर्जी आंकड़ों की आड़ लेकर विपक्ष देश की राजधानी में अराजकता फैलाने की साजिश रच रहा है। विपक्ष के प्रदर्शनों पर निशाना साधते हुए हिमाचल प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कहा कि आज अमेरिका से आयातित तिलचट्टा दिल्ली में अराजकता पैदा करने, हंगामा मचाने और आगजनी की कोशिश करने आ रहे हैं। इनका मकसद पुलिस को उकसाना है, ताकि जब पुलिस प्रशासन आत्मरक्षा में कार्रवाई करे, तो ये 'विक्टिम कार्ड' खेल सकें।
SIR प्रक्रिया पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा ने आंकड़ों की पोल खोली। उन्होंने कहा कि जिस 13 करोड़ वोटों की कटौती का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, उसका सच कुछ और ही है। श्रीकांत शर्मा ने कहा की 10 करोड़ नाम, मृत लोगों, शिफ्ट हो चुके नागरिकों या फिर फर्जी डबल वोट वाले दर्ज नामों के थे।
जबकि 3 करोड़ वोट अरविंद केजरीवाल और राहुल गांधी के वे समर्थक हैं जो वास्तव में 'लापता' या 'घुसपैठिए' हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगई, जिद, सरकार पर दबाव और चुनाव आयोग को अपशब्द कहकर विपक्ष इन अवैध और फर्जी नामों को फिर से जुड़वाना चाहता है, जो अब किसी भी कीमत पर मुमकिन नहीं होगा।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से इसे डीनोटिफाई किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस शासनकाल में भी बोट क्लब को इसी तरह डीनोटिफाई किया गया था। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उनकी स्मरण शक्ति कमजोर है, इसलिए शायद उन्हें अपनी ही सरकार का वह कदम याद नहीं है।
तिंरगा यात्रा और कश्मीर मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए शर्मा ने कहा कि आज ये लोग तिरंगे की आड़ ले रहे हैं, जबकि ये उस समय अपने बिलों में छिपे थे जब कश्मीर में तिरंगा फहराने के लिए सेना की सुरक्षा लेनी पड़ती थी। जब कश्मीर जल रहा था और वहां निर्दोष हिंदू मारे जा रहे थे, तब राहुल गांधी बेफिक्र थे और हाथ पर हाथ धरकर बैठे थे। उन्होंने कहा कि आज जब कश्मीर से अलगाववाद खत्म हो गया है, हर स्कूल और लाल चौक पर तिरंगा लहरा रहा है तथा 'जन-गण-मन' व 'वंदे मातरम' का गूंज हो रहा है, तब विपक्ष को पेट में दर्द हो रहा है।
श्रीकांत शर्मा ने दावा किया कि देश में अलगाववाद और नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है। विदेशों से उपद्रव फैलाने के लिए आने वाली फंडिंग और चंदे के रास्ते अब पूरी तरह बंद किए जा रहे हैं। इसी आर्थिक नकेल और राजनीतिक असफलता के कारण विपक्ष बौखलाया हुआ है।
श्रीकांत शर्मा ने आम जनता और अभिभावकों से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों को इन राजनीतिक उपद्रवियों से दूर रखें। ये लोग आपके मासूम बच्चों के कंधों पर बंदूक रखकर अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं और केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं।