
Virat Kohli and Anushka Sharma with Premanand Maharaj: मथुरा वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने के लिए विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा केली कुंज आश्रम पहुंचे। जहां उन्होंने ब्रह्मानंद महाराज को सिर झुका कर प्रणाम किया। इस पर प्रेमानंद महाराज जी ने भी आशीर्वाद दिया। बोले, "एक बार उन्हें देखने की मन में लालसा लानी चाहिए जिन्होंने तुम्हें बनाया है।" प्रेमानंद महाराज ने बनाने वाले की अति सुंदर व्याख्या की। परमपिता परमेश्वर को प्राप्त करने का मार्ग भी बताया। बोले हम एक दूसरे का हाथ पकड़ कर आगे बढ़ते चले जा रहे हैं, लाइन में लगे हैं। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा इसके पहले भी दो बार प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर चुकी हैं।
उत्तर प्रदेश के मथुरा वृंदावन पहुंचे विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और उनके सत्संग में शामिल हुए। इस मौके पर महाराज ने कहा कि अपने कार्यक्षेत्र को भगवान की सेवा समझिये। गंभीरता के साथ अपना कार्य करना चाहिए। शांत भाव से कार्य करते रहिए। जो अपने असली पिता है। जिन्होंने मुझे मनाया है, मन में ऐसी लालसा होनी चाहिए कि एक बार उन्हें देखा जाए। सुनते हैं बहुत सुंदर है, देखने योग्य हैं। अपना यह लक्ष्य बनाना चाहिए कि अपने हैं, प्यारे हैं, मैं आपसे मिलना चाहता हूं।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि यही लक्ष्य बनाकर हमें आगे बढ़ना चाहिए। यही कहना चाहिए कि मैं आपसे मिलना चाहता हूं, अब मुझे कुछ नहीं चाहिए, अब मुझे आप चाहिए, और अगर आप मिल जाएं तो सारे सुख मिल जाएंगे। इस पर अनुष्का शर्मा ने कहा कि वह आपके हैं। इस पर प्रेमानंद महाचार्य महाराज खिलखिला कर हंस पड़े और उन्होंने कहा कि हम सब 'श्री जी' के हैं। नीले आसमान की छत्रछाया में बैठे हैं। हम सब उसी के बच्चे हैं।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हम आगे का रास्ता नहीं जानते हैं तो हम एक दूसरे का हाथ पकड़ कर आगे जा रहे हैं। ईस्ट गुरुदेव और आचार्य उन्हीं के बल से हम आगे बढ़ रहे हैं और यही परंपरा बनी है। मैं आपका हाथ पकड़े हूं लेकिन मेरे में सामर्थ्य नहीं है। मेरा हाथ गुरुदेव पकड़े हुए हैं, गुरुदेव आचार्य का हाथ पकड़े हैं और आचार्य ईस्ट का हाथ पकड़े हुए। मतलब हम लाइन में लगे हुए हैं और पहुंच जाएंगे।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि गृहस्थ हो या फिर विरक्त भगवान हम सब की व्यवस्था करते हैं। मन में अहंकार कभी नहीं लाना चाहिए कि यह सब मैं कर रहा हूं। यह सोचना चाहिए कि भगवान के आश्रय में आने पर ही व्यवस्था हो रही है। इस मौके पर उन्होंने भक्त प्रहलाद और अर्जुन का भी उदाहरण दिया। बोल सच्चे भक्तों की भगवान स्वयं रक्षा करते हैं।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि विश्वास के बिना भक्ति नहीं मिलती है और बिना भक्ति के सद्गति नहीं प्राप्त होती है। भगवान को नौकर नहीं समझना चाहिए। या तो कठोर तपस्या से भगवान को प्राप्त करें या फिर भगवान के अपने बनें। अपनापन होने पर आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं हो जाएगी। विराट कोहली और अनुष्का शर्मा केली कुंज आश्रम में करीब ढाई घंटे रुके। इस दौरान 15 मिनट महाराज प्रेमानंद महाराज से सत्संग हुआ। ।