सदन में घोसी से सांसद राजीव राय का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। रेलवे संबंधी अपनी मांगों की अनदेखी करने पर उन्होंने रेल मंत्री पर बड़ा आरोप लगाया।
सदन में एक बार फिर घोसी से सांसद राजीव राय का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। रेलवे संबंधी अपनी मांगों की अनदेखी करने पर उन्होंने रेल मंत्री पर बड़ा आरोप लगाया।
घोसी सांसद ने केंद्रीय रेल मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब से घोसी लोकसभा से चुनकर आया हूं, अपने क्षेत्र की समस्याओं से लगातार सदन को अवगत करा रहा हूं। अभी कुछ दिनों पूर्व जब रेलवे की समस्याओं के संदर्भ में मैंने अपनी बातें रखीं तथा रेल मंत्री जी को अवगत कराया, उसके तुरंत बाद एक ऐसे व्यक्ति द्वारा जिसको घोसी की जनता ने ऐतिहासिक लाखों मतों से हराया था, उसने जाकर रेलवे का निरीक्षण किया, जो ना तो किसी संवैधानिक पद पर है, ना ही किसी तरीके से अधिकृत है। उसके बावजूद उस शख्स ने ना सिर्फ रेलवे अधिकारियों-कर्मचारियों की मौजूदगी में निरीक्षण किया, बल्कि रेलवे के प्लेटफार्म पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जनता द्वारा चुने हुए एक सांसद द्वारा सदन में आवाज उठाने का विरोध किया। ऐसे व्यक्ति पर रेल मंत्री ने अब तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं किया ? घोसी सांसद राजीव राय ने इस तरीके से अनाधिकृत रूप से रेलवे का निरीक्षण करने वाले व्यक्ति तथा करने देने की छूट देने वालों की भरी सदन में निंदा की । जिस पर पूरा विपक्ष अपना समर्थन देते हुए शेम-शेम के नारे लगाने लगा।
घोसी सांसद ने अब तक मांगी गई मऊ के लिए तमाम ट्रेनों में से कोई भी रेल सुविधा उपलब्ध न कराने पर काफी कड़े शब्दों में रेल मंत्री की आलोचना की।
घोसी सांसद ने कहा इस सदन में मौजूद यदि किसी सांसद को ऐसा लगता है कि उसके क्षेत्र का संपूर्ण विकास हो चुका है, तो बेशक वे अपनी जिम्मेदारी पूर्ण मानकर अपना इस्तीफा दे सकते हैं, लेकिन मेरे क्षेत्र की जो समस्याएं हैं उसको मैं लगातार सदन में उठाता रहूंगा, जब तक उसका समाधान ना हो जाए।