छात्रों ने कठुआ आैर उन्नाव रेपकांड के विरोध में निकाला कैंडल मार्च, दोषियों काे फांसी देने की मांग
मेरठ। कठुआ में हुए गैंगरेप मामले में नामजद चार अभियुक्तों के मामले में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के रजिस्ट्रार ज्ञानप्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि करीब15 दिन पहले एसआईटी की टीम विश्वविद्यालय आयी थी और इन चार नामजद आरोपियों, जो कि मुजफ्फरनगर के मीरापुर स्थित आकांक्षा कृषि कॉलेज के छात्र हैं, उन्होंने नवंबर माह मुजफ्फरनगर के ही खतौली स्थित केके जैन इंटर कॉलेज में परीक्षा दी थी।
ये कॉलेज चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं, इन सभी छात्रों के बारे में एसआईटी की टीम ने उनसे पूछताछ की, इतना ही नहीं कुलसचिव ने बताया कि एसआईटी की टीम बाकायदा केके जैन इंटर कॉलेज गई थी और वहां से सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली आैर अपने साथ ले गर्इ। ताकि यह स्पष्ट हो कि उन छात्रों ने वहां परीक्षा दी भी या नही, हालांकि रजिस्ट्रार ज्ञानप्रकाश ने बताया कि एसआईटी ने उन्हें अपनी जांच के बारे में कुछ नहीं बताया है। सीसीटीवी में वे छात्र परीक्षा देते हुए नज़र आ रहे हैं या नहीं ये भी एसआईटी ने उन्हें नही बताया। गौरतलब है कि कठुआ रेप और हत्याकांड में नामजद चार आरोपियों विशाल जंगहोत्र, सचिन शर्मा, साहिल शर्मा और नीरज शर्मा ने बीएससी एग्रीकल्चर की परीक्षा दी थी।जबकि खबरों के अनुसार उस समय ये छात्र कक्षा में मौजूद नहीं थे, उनकी जगह किसी और बच्चों ने इनका एग्जाम दिया।
मुजफ्फरनगर का दिखाया था पता
इतना ही नहीं चर्चा यह भी है कि इन छात्रों ने अपना परमानेंट एड्रेस मुजफ्फरनगर का दिखाया है जबकि इनके आधार कार्ड में 3 का एड्रेस कठुआ जम्मू का है और एक का एड्रेस दिल्ली का है। चारों छात्रों ने मुज़्ज़फरनगर के मीरापुर में आकांशा कॉलेज में बीएससी एग्रीकल्चर में एड्मिशन लिया था जिसमे इनका एक्जाम सेंटर खतौली के केके जैन कॉलेज में लगा था, लेकिन ख़बर यह भी आ रही हैं कि कॉलेज की cctv में छात्र नहीं है मतलब इनकी जगह अन्य छात्रों ने इनकी परीक्षा थी। फिलहाल cctv फुटेज औऱ इनकी सारी जानकारी एसआईटी टीम ले गयी है। वहीं, मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से इस मामले में किसी भी तरह की जांच टीम गठित नही की गई है।
छात्रों की आराेपियों को फांसी देने की मांग
इसी बीच, कठुआ और उन्नाव में हुए गैंगरेप कांड के विरोध में छात्रों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग देने की मांग की ही और मामले को लेकर छात्रों ने कैंडल मार्च निकाला और मामले में सरकार के ढुलमुल रवैये पर खूब भर्त्सना की। रालोद से जुड़े छात्रों ने कहा कि भाजपा सरकार इस मामले में कुछ नहीं कर रही है, बल्कि इनका बचाव कर रही है।