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कुलदीप सिंह सेंगर के बाद अब इस बीजेपी विधायक पर लगे आरोप, पीड़ित ने कहा- सीएम के सामने कर लूंगी आत्मदाह

पीड़ित ने आरोप लगाया कि विधायक अशोक चंदेल मुझे और मेरे पूरे परिवार को मरवा सकता है...

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Serious allegation on BJP MLA Ashok Chandel Hamirpur UP news

कुलदीप सिंह सेंगर के बाद अब इस बीजेपी विधायक पर लगे आरोप, पीड़ित ने कहा- सीएम के सामने कर लूंगी आत्मदाह

कानपुर. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने विपक्ष के कई दगी-बाहुबलियों को पार्टी में शामिल कर लिया और उन्हें टिकट थमा दिया। चुनाव जीतने के बाद वह बदले नहीं, बल्कि भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। उन्नाव दुष्कर्म के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर कांग्रेस, बसपा और सपा में रहकर जिले में खुद की फौज खड़ी की और बंदूक के दम पर प्रजा पर राज किया। ऐसे ही भाजपा के लाड़ले हमीरपुर जिले के सदर विधायक अशोक चंदेल हैं। जिनकी तूती पूरे बुंदेलखंड में बोलती है। अवैध खनन, जमीनों पर कब्जा, हत्या सहित कई मामले भाजपा के लाड़ले विधायक पर लगे होने के बावजूद वह पार्टी हाईकामन को नहीं दिखते। खुद भाजपाई अब दबी जुबान में कहने लगे हैं कि यह े 2019 में पीएम मोदी का खेल बिगाड़ देंगे। एक भाजपा नेता ने यहां तक कह दिया कि प्रदेश स्तर के पदाधिकारी हमलोगों की बात सुनते नहीं। शिकायत करने पर उल्टा फटकार मिलती है। इसी के कारण हमलोग मुंह बंद किए हुए बैठे हैं और बाहुबलियों के चलते पार्टी की क्षवि जनता के बीच धूमिल हो रही है।

2017 में दागियों की भाजपा में हुई इंट्री

अटल, आणवानी, मुरली मनोहर जोशी और कल्याण सिंह के वक्त भाजपा में नेताओं और पदाधिकारियों की क्षवि देखकर उन्हें इंट्री मिलती थी। लेकिन 2014 के बाद हालात पूरी तरह बदल गए। 2017 के विधानसभा चुनाव फतह करने के लिए भाजपा ने क्षवि से समझौता कर दूसरे दलों के कई बाहुबलियों को पार्टी में शामिल किया और टिकट देकर चुनाव के मैदान में उतारा। वह मोदी लहर में विधायक चुने गए और सत्ता में आते ही पूराने ढर्रे पर फिर से कार्य करने लगे। उन्नाव जिले की बांगमऊ से बाहुबली विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के बाद हमीरपुर जिले की सदर सीट से विधायक अशोक चंदेल पर भी एक महिला ने जबरन जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस-प्रशासन से शिकायत की, पर विधायक के रसूख के चलते खाकीधारियों ने उसके साथ न्याय नहीं किया। सीएम एक सभा को संबोधित कर रहे थे, तभी पीड़िता अपनी फरियाद लेकर रैली स्थल पर पहुंच गई और रो-रो कर विधायक की करतूत बयां की। महिला को पुलिस ने सीएम के पास तो जाने रोक दिया पर मीडिया के समक्ष उसने विधायक के उत्पीड़न की कहानी बयां कर दी।

कौन है अशोक चंदेल

अशोक चंदेल का जन्म हमीरपुर के कुरौरा गांव में हुआ था। शिक्षा-दीक्षा के लिए वह गांव से हमीरपुर आ गए और छात्र राजनीति में कूद गए। अशोक सिंह चंदेल 1989 में निर्दलीय विधायक चुने गए। इसके बाद 1993, 2008 में भी विधायक रहे हैं। वर्ष 1999 में बसपा से सांसद चुने गए। वर्ष 2017 से भाजपा के टिकट से विधायक चुने गए। अशोक चंदेल लगभग सभी प्रमुख दलों में रह चुके हैं और हर दल के बड़े-बड़े नेताओं से उनके अच्छे संबंध हैं। 2017 में मोदी लहर को देख अशोक भाजपा में शामिल हो गए। उस दौरान भाजपा के कई नेताओं ने इनका विरोध किया। वर्तमान में मंत्री पद पर बैठी भाजपा नेता ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से अशोक चंदेल को पार्टी में शामिल नहीं करने की मांग की, लेकिन यूपी संगठन में बैठे नेताओं के चलते उनकी नहीं चली। भाजपा से विधायक बनते ही अवैध खनन, जमीनों पर कब्जा सहित अन्य गैरकानूनी कार्य विधायक जी करवाने लगे।

चंदेल पर एक नहीं अनेक आरोप

हमीरपुर के जखेता गांव की रामन देवी उर्फ प्रेमलता का आरोप है कि उसके पिता की 50 बीघा जमीन पर विधायक का कब्जा है। विधायक चंदेल के प्रभाव में अफसर सुन नहीं रहे। पीड़िता ने बताया कि वह जिले के डीएम, एसपी, एसडीएम और क्षेत्राधिकारी के पास जाकर विधायक की शिकायत की, लेकिन वहां सुनवाई नहीं हुई। मुझे लोगों ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ कोंच आ रहे हैं तो अपने गांव से रैली स्थल पर पहुंच गई। लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने मुझे सीएम से मिलने नहीं दिया। विधायक मुझे और मेरे पूरे परिवार को मरवा सकता है। पीड़िता ने कहा कि वह जल्द ही सीएम के पास फरियाद लेकर लखनऊ जाएगी और उनसे न्याय मांगेगी। बावजूद इंसाफ नहीं मिलता तो मैं वहीं पर आत्मदाह कर लूंगी। इसके अलावा महोबा जिले के कबरई निवासी शिवप्रकाश सिंह सेंगर ने भी विधायक पर आरोप लगाते हुए बताया कि पचपहरा स्थित ओमहरिहर क्रशर मेरे नाम पर चल रहा था। विधायक के गुर्गो ने उस पर जबरन कब्जा कर लिया और मुहं खोलने पर जान से मारने की धमकी दी है। पीड़ित शिवप्रकाश सिंह सेंगर ने मामले की प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायतें की, लेकिन कब्जा नहीं मिला। इस पर उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की है।

हत्याकांड में आया था नाम

वर्ष 1997 में मुख्यालय के रमेड़ी मोहल्ला निवासी एक ही परिवार के पांच लोगों की सुभाष बाजार में हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी विधायक अशोक चंदेल को बनाया गया था। पीड़ित पक्ष के राजीव शुक्ला ने बताया कि निचली अदालत से अशोक चंदेल के बरी हो जाने पर राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में मामला दर्ज कराया था। पीड़ित ने बताया कि मामले की हाईकोर्ट में 19 अप्रैल को सुनवाई लगी है। विधायक पर कानपुर स्थित बर्रा में सचान गेस्ट हाउस के निकट सांईधाम गेस्ट हाउस को कब्जियाने का आरोप भी लग चुका है। कानपुर के बाबूपुरवा थाने में वर्ष 2013 में मारपीट कर धमकाने का मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसमें जमीन हथियाने का आरोप भी लगा था।

कुछ इस तरह से बोले विधायक

विधायक अशोक चंदेल ने कहा कि महिला और उसके भाई वीर सिंह का जमीनी विवाद है। एक बार उनके पास मामला आया था, तब उन्होंने कहा था कि किसी दिन दोनों पक्ष आए, तब वह समझौता कर देंगे, पर कोई आया नहीं है। विधायक ने जमीन हड़पने के मामले को पूरी तरह निराधार बताया। विधायक का कहना है कि राजनीतिक कारणों के चलते विरोधियों ने हम पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए हैं। 30 साल के राजनीतिक कॅरियर के दौरान आरोप अनेक लगे पर न्यायालय ने हमें बरी किया। वहीं कानपुर से लेकर हमरपुर जिले की लोगों की मानें तो विधायक ने दल तो बदल लिया पर अपने कार्य करने का तरीका नहीं बदला।