मेरठ

बड़ी खबर: शरिया कोर्ट की तरह यूपी के इन जिलों में हिंदू अदालतें खोलने का ऐलान, इन मामलों का होगा निपटारा

15 अगस्‍त के दिन बुधवार को मेरठ में खुली पहली हिंदू अदालत, डॉ. पूजा शकुर पांडे को नामित किया गया जज

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Aug 16, 2018
बड़ी खबर: शरई कोर्ट की तरह यूपी के इन जिलों में हिंदू अदालतें खोलने का ऐलान, इन मामलों का होगा निपटारा

मेरठ। 15 अगस्‍त के दिन बुधवार को मेरठ में पहली हिंदू अदालत खोलने का ऐलान किया गया। यह ऐलान अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने किया। इतना ही इस अदालत की पहली जज भी नामांकित कर दी गई हैं। साथ ऐसा ही हिंदू अदालतें पांच अन्‍य जिलों में शुरू करने की घोषणा की गई हैं। ऐलान किया गया है क‍ि नाथूराम गोडसे के ‘बलिदान दिवस’ पर 15 नवंबर को उत्‍तर प्रदेश के पांच अन्य जिलों में हिंदू अदालतें खोली जाएंगी।

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डॉ. पूजा शकुर पांडे को नामित किया जज

अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने शरिया काेर्ट की तरह ही हिंदू अदालत शुरू करने का ऐलान बुधवार को किया। इस हिंदू अदालत की पहली जज के तौर पर हिंदू महासभा की आेर से अलीगढ़ की डॉ. पूजा शकुर पांडे को नामित किया गया है। इसके लिए बाकायदा मेरठ में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें अखिल भारतीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि 2 अक्टूबर को अदालत का बायलॉज सार्वजनिक कर दिया जाएगा। 15 नवंबर को नाथूराम गोडसे को फांसी दी गई थी। उसी दिन सूबे के पांच अन्य जिलों अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, फिरोजाबाद और शिकोहाबाद में इस तरह की हिंदू अदालत खोली जाएंगी।

पीएम और सीएम से की मांग

अशोक शर्मा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को उन्‍होंने पत्र लिखकर मांग की थी कि देश में खुल चुकीं और खुलने वाली शरिया अदालतों को तत्काल बंद कराया जाए। उनके अनुसार, भारत में एक ही संविधान होना चाहिए। शरिया अदालतें बंद न होने पर उन्‍होंने हिंदू अदालतें खोलने की चेतावनी दी थी। इसका जवाब न मिलने पर उन्‍होंने हिंदू अदालत की स्थापना का ऐलान कर दिया।

ये मामले सुलझाए जाएंगे

वहीं, इस दौरान जानकारी दी गई कि हिंदू महासभा की राष्ट्रीय पदाधिकारी डॉ. पूजा शकुन पांडे को पहली जज नामित किया गया है। बताया गया कि वह 2 अक्टूबर को बायलॉज भी पेश कर देंगी। उन्‍होंने कहा कि वह पीएचडी हैं और कानून को जानती हैं। उनका कहना है क‍ि इस अदालत में सबको इंसाफ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे बिना मान्यता के खुद के कानून पर शरिया अदालतें चल रही हैं, वैसे ही उनकी कोर्ट को किसी मान्‍यता की जरूरत नहीं है। वहीं, अशोक शर्मा का कहना है क‍ि महासभा का लक्ष्‍य जल्द ही 15 अदालतें स्थापित करने का है। इसमें जमीन, मकान, दुकान, विवाह, पारिवारिक विवाद आदि मामले आपसी सहमति से सुलझाए जाएंगे।

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Published on:
16 Aug 2018 09:36 am
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