मेरठ

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अन्नू रानी और साहिल पर दर्ज हुआ मुकदमा, जानें शादी के एक दिन बाद क्यों हुई FIR

अंतरराष्ट्रीय भाला फेंक खिलाड़ी अन्नू रानी और उनके पति नेशनल किक बॉक्सिंग चैंपियन साहिल भारद्वाज ने मेरठ में अपनी शादी के जयमाला स्टेज पर दुनाली बंदूक से हर्ष फायरिंग की। फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद सरधना थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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Updated: 19 Nov 2025, 9:16 PM IST
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शादी में हर्ष फायरिंग करने पर अन्नू रानी और साहिल भारद्वाज पर दर्ज हुआ मुकदमा, PC- X

मेरठ : अंतरराष्ट्रीय ज्वैलिन प्लेयर अन्नू रानी और उनके पति राष्ट्रीय किक बॉक्सिंग खिलाड़ी साहिल भारद्वाज पर शादी के एक दिन बाद ही मुकदमा दर्ज हो गया है। दोनों ने शादी के मंच से ही बंदूक से फायरिंग की थी। फायरिंग की वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसका संज्ञान लेते हुए पुलिस ने सरधना थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस यह भी जांच रही फायरिंग में इस्तेमाल बंदूक किसकी थी।

मेरठ के बहादरपुर गांव की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय भाला फेंक खिलाड़ी अन्नू रानी और रोहतक के रहने वाले नेशनल किक बॉक्सिंग चैंपियन साहिल भारद्वाज की मंगलवार को मेरठ में शादी हुई। इसी समारोह में जयमाला कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाड़ियों यानी दूल्हा-दुल्हन ने स्टेज से ही दुनाली बंदूक से हवाई फायरिंग की थी। शादी समारोह में शामिल मेहमानों ने हर्ष फायरिंग का वीडियो बना लिया और फिर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। दुल्हन जब जयमाला के लिए आई तो दूल्हे ने हाथ थामकर दुल्हन को स्टेज पर लिया। इसके बाद दोनों ने नोटों की गड्डियां उड़ाई और फिर राइफल से दोनों ने हर्ष फायरिंग की थी।

मर्सिडीज से समारोह में पहुंचे दूल्हा-दुल्हन

दूल्हा-दुल्हन के इस कदम को सभी ने गलत बताया और इसका विरोध भी किया। इसी का नतीजा रहा कि कुछ मेहमानों ने इस हर्ष फायरिंग का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। दूल्हा-दुल्हन मर्सिडीज कार से रिसोर्ट पहुंचे थे। डीजे पर चल रहे गानों की धुनों पर भी रिश्तेदार जमकर झूमें। बारद्वारी के बाद बारात और दूल्हे का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।

गांव से तय किया विदेश का सफर

बहादरपुर गांव की रहने वाली अन्नू रानी आज विश्व स्तर की एथलीट हैं, लेकिन उनकी शुरुआत बेहद साधारण और कठिनाइयों भरी रही। आर्थिक तंगी के कारण उनके पास जैवलिन (भाला) खरीदने तक के पैसे नहीं थे। पिता अमरपाल सिंह के साथ खेतों में काम करते हुए वे गन्ने की लंबी-सीधी छड़ें तोड़कर जैवलिन की प्रैक्टिस करतीं। जूते खरीदने के लिए तो चंदा इकट्ठा करना पड़ा। गांव के स्कूल में सुबह-शाम अभ्यास करते हुए अन्नू ने अपने सपनों को पंख दिए।

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19 Nov 2025, 9:16 PM IST
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