मेरठ

कपड़े एेसे पहनिए, नहीं तो ग्रह-नक्षत्रों की कुदृष्टि से बच नहीं पाएंगे

व्यक्तियों केे जीवन पर कपड़े डालते हैं महत्वपूर्ण प्रभाव

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Jun 06, 2018
meerut
कपड़े एेसे पहनिए, नहीं तो ग्रह-नक्षत्रों की कुदृष्टि से बच नहीं पाएंगे

मेरठ। आप अपने रोजमर्रा के जीवन में जो कपड़े शरीर पर धारण करते हैं, उनका भी ज्योतिष में अपना विशेष महत्व होता है। आपके द्वारा पहने जाने वाले कपड़े आपके ग्रह-नक्षत्रों पर भी विशेष प्रभाव डालते हैं। प्रामाणिक तथ्य हैं कि ज्योतिष मनुष्य की जिंदगी के हर पहलू से जुड़ा हुआ है। हमारे साथ जो बेजान वस्तुएं भी होती हैं उनका भी हमारे ग्रह नक्षत्र के साथ खास रिश्ता होता है। मनुष्य के जन्म के समय मौजूदा ग्रह, नक्षत्र, इत्यादि का ख्याल रखते हुए उसके जीवन काल की गणना की जाती है। पूरे जीवन में उसे किन अवसरों की प्राप्ति होगी, उन अवसरों में कितनी सफलता हासिल होगी और यदि अवसर प्राप्त न हो तो उसकी प्राप्ति के लिए उपाय भी हैं ज्योतिष शास्त्र में। ऐसे ही हम जो वस्त्र प्रतिदिन धारण करते हैं उनका भी अपना विशेष महत्व होता है।

वस्त्रों का हमारे ऊपर प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार वस्त्रों का हमारे ऊपर खास प्रभाव होता है। ज्योतिषीय रूप से हम कैसे वस्त्र पहनते हैं, यह हमारे आने वाले ग्रह-नक्षत्र के साथ ही हमारे कल को प्रभावित करता है।

वस्त्र के शुभ-अशुभ लाभ

यदि आप नए एवं साफ वस्त्र पहनते हैं तो वे वस्त्र हमारे लिए शुभ सिद्ध होते हैं, लेकिन गंदे एवं फटे हुए कपड़े अशुभ होते हैं। डा. सुधाकराचार्य त्रिपाठी के अनुसार ज्योतिष अध्ययनों के अनुसार कोई भी वस्त्र जो बुनकर बनाया जाता है, उसके धागों पर बुध ग्रह अपना अधिपत्य रखता है। वह धागे जब एकत्रित करके बुने जाते हैं एवं आखिरकार जब उनसे वस्त्र तैयार किया जाता है तब वह वस्त्र शुक्र की श्रेणी में आ जाता है।

वस्त्र पर मंगल का प्रभाव

इसके बाद उस वस्त्र को पहनने लायक बनाने के लिए जब हम सिलाई के लिए उसे उपयोग में लाने हेतु काटते हैं, तो उस पर मंगल ग्रह का प्रतीक लिए कैंची का उपयोग किया जाता है। उसे नाप देकर चन्द्र रूपी धागे से सिला जाता है। अंत में यह वस्त्र जब पहनने योग्य हो जाता है तो वो शनि का रूप धारण कर लेता है।

धुले कपड़ों पर प्रभाव

जो वस्त्र नए तथा बिना धुले हुए अर्थात कोरे हों उन्हें पहनकर हम शनि, मंगल, बुध, शुक्र और शनि से संबंधित समस्याओं को अपने ऊपर ले लेते हैं, क्योंकि कपड़ों को सिलते समय सुई का इस्तेमाल होता है जो शनि के समान हैं। इसी कारण कपड़े जब तक धुलते नहीं हैं, वे कीलक की श्रेणी में आ जाते हैं। इसी कारण नए बिना धुले कपड़ों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।

फटे कपड़ों पर प्रभाव

कपड़े वही पहनें जो साफ हों एवं कहीं से फटे न हों। तभी आपको उनके माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होगी।

Published on:
06 Jun 2018 03:55 pm