
मेरठ. पुलिस कस्टडी से फरारी के बाद ढाई लाख का इनामी कुख्यात बदन सिंह बददो सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सक्रिय है। बद्दो को यूपी पुलिस और एसटीएफ पकड़ना तो दूर उसकी फरारी में मुख्य भूमिका निभाने वाली महिला मित्रों पर भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर पाई है। वहीं, बद्दो पुलिस की हर गतिविधियों पर नजर रख रहा है। बदन सिंह ने अब अमेरिका के कैलिफोर्निया से फेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड की है। ये पोस्ट अपलोड होने के बार हरकत में आई पुलिस ने फेसबुक को पत्र भेजा था, जिस पर फेसबुक ने जानकारी दी कि ये पोस्ट बद्दो की आईडी से कैलिफोर्निया से अपलोड की गई है।
बता दें कि मेरठ दौरे के दौरान सूबे के पुलिस मुखिया मुकुल गोयल ने अपराध समीक्षा के दौरान बदन सिंह बद्दो को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। डीजीपी के इस आदेश के बाद ही बद्दो सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गया और उसने फेसबुक, इंस्टाग्राम आइडी से पोस्ट अपलोड कर एक पूर्व डीजीपी और केबल कारोबारी पर टिप्पणी की। इसके बाद स्थानीय पुलिस, एसटीएफ और अन्य जाच एजेंसी भी इस पोस्ट का पता लगाने में जुट गई थी। एसएसपी, एसटीएफ और एटीएफ ने फेसबुक को पत्र लिखकर आईपी एड्रेस और उस शहर की जानकारी मांगी, जहां से पोस्ट अपलोड की गई। सोमवार को फेसबुक ने इसकी जानकारी दी। बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिम तट पर स्थित राज्य कैलिफोíनया से पोस्ट अपलोड की गई है। अब देखा जा रहा है कहीं पुलिस और एजेसिंयों को भ्रमित करने के लिए तो बद्दो के किसी साथी ने कैलिफोर्निया से पोस्ट अपलोड नहीं की है। गौरतलब है कि 28 मार्च 2019 को दिल्ली रोड स्थित मुकुट महल होटल से पुलिस को चकमा देकर बद्दो फरार हो गया था। गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कर पुलिस उसकी अलीशान कोठी पर बुलडोजर चलवा चुकी है।
फेसबुक ने आईपी एड्रेस नहीं दिया
एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि फेसबुक से बदन सिंह की लोकेशन मांगी जा रही है। फेसबुक ने आईपी एड्रेस नहीं दिया है। सभी एजेंसी ने फेसबुक को फिर से रिमाइंडर देकर आईपी एड्रेस पूछा है, ताकि पता चले कि पोस्ट जिस लैपटॉप या मोबाइल से अपलोड की गई हैं, वह किसकी आईडी पर संचालित है।
तीन ई-मेल आईडी और दो मोबाइल नंबर मिले
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि फेसबुक की तरफ से दी गई जानकारी में बद्दो की तीन ईमेल आईडी मिली हैं। दो मोबाइल नंबर भी फेसबुक से अटैच मिले हैं। बताया गया कि बदन सिंह बद्दो के नाम से फेसबुक अकाउंट 15 जून 2017 में बनाया गया है। यानी, जिस फेसबुक एकाउंट से पोस्ट अपलोड की, वह बद्दो का ही है। बद्दो ने यह अकाउंट फरारी से दो साल पहले जनरेट किया था। जांच एजेंसी मोबाइल नंबर और ई-मेल आइडी के आधार पर जानकारी जुटा रही हैं।