ईद की नमाज से पहले शहर कारी शफीकुर्रहमान ने की तकरीर
मेरठ। शाही ईदगाह में ईद की नमाज से पहले हिन्दू-मुस्लिम की बातें कारी ने अपनी तकरीर में कह डाली। उन्होंने मुस्लिम युवकों और मुस्लिमों में होने वाली शादी कार्यक्रमों की भी जमकर अलोचना की। कारी के इस बयान को शहर काजी ने राजनीति से प्रेरित बता दिया और कहा कि खुदा की इबादतगाह में इस तरह से बयान से बचना चाहिए।
सबसे अधिक झूठ बोलते हैं मुस्लिम
आल इंडिया मिल्ली काउंसिल के मेरठ अध्यक्ष कारी शफीकुर्रहमान ईद के मौके पर शाही ईदगाह में मौजूद थे। इस अवसर पर उन्होंने नमाज से पहले तकरीर में मुस्लिम युवाओं से कहा कि इस समय हमें इस्लाम को बदनाम करने वाली शक्तियों से बचना होगा। उन्होंने कहा कि आज मुल्क का मात्र 10 प्रतिशत हिंदू ही मुस्लिमों के साथ है। अगर हमें बाकी 90 प्रतिशत हिन्दुओं का विश्वास जीतना है तो उन्हें अपने साथ लेना होगा। उन्होंने कहा कि दोनों कौमों को बांटने का काम किया जा रहा है। जो मुल्क के हित में निहायत ही खतरनाक काम है। इससे दोनों कौमों के बीच नफरत की दीवारें खड़ी हो रही हैं। दोनों कौमों के जिम्मेदार कारिंदों को आगे आकर मुल्क की मजहबी परंपरा को कायम रखने के प्रयास करने होंगे। कारी ने कहा कि आज सबसे अधिक झूठ मुस्लिम बोलते हैं। उन्हें इस बुरी बला से बचना चाहिए, झूठ बोलना सबसे बड़ी लानत है।
मुल्क में कौम के खिलाफ माहौल बन रहा
कारी ने कहा कि मुल्क में कौम के खिलाफ जबरदस्त माहौल बना हुआ है। जो कौम के लिये खतरनाक संकेत है। कौम के युवाओं को अपनी जिम्मेदारी का अहसास कर यह समझना होगा कि वे इसकी रक्षा के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि आज खुदा के उसूलों पर शादी नहीं हो रही। शादियों की सभी रस्मों में पश्चिमता हावी होती जा रही है। खाने का रिवाज भी बेहद खराब हो चुका है। खड़े होकर खाना खाया जा रहा है, जैसे कि जानवर खाते हैं।