
Big Update in Blue Drum Muskaan Case: मेरठ के बहुचर्चित सौरभ हत्याकांड में अब न्यायिक प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। बुधवार को अदालत में आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला से उन पर लगे आरोपों और गवाहों के बयानों के संबंध में सवाल-जवाब किए जाएंगे। अगर दोनों आरोपी अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य या गवाही प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं, तो इसके बाद इस मामले में अंतिम बहस शुरू हो जाएगी और जल्द ही फैसला आने की संभावना है।
जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ( Krishna Kumar Chaubey )के अनुसार, इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुपम कुमार (Anupam Kumar) की अदालत में चल रही है। कोर्ट अब उस चरण में पहुंच चुका है जहां आरोपियों से सीधे सवाल पूछे जाएंगे, ताकि उनके पक्ष को भी रिकॉर्ड में लिया जा सके।
मामले के अनुसार, 3 मार्च 2025 की रात सौरभ की हत्या उसकी परिचित मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर कर दी थी। हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में भर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
19 मार्च 2025 को जब आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था, उस दौरान भारी हंगामा देखने को मिला था। वकीलों ने साहिल शुक्ला के साथ मारपीट भी की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस घटना के बाद सुरक्षा कारणों से अदालत ने आरोपियों की पेशी को लेकर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी।
बुधवार की सुनवाई के लिए संभावना जताई जा रही है कि आरोपियों की पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जाए। हालांकि, अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश पर निर्भर करेगा। यदि अदालत उचित समझेगी, तभी उन्हें फिजिकली पेश किया जाएगा, अन्यथा ऑनलाइन माध्यम से ही कार्यवाही पूरी की जाएगी।
इस केस में सभी गवाहों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 351 (पूर्व में सीआरपीसी की धारा 313) के तहत आरोपियों से सवाल-जवाब की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें आरोपी अपना पक्ष स्पष्ट कर सकते हैं।
मामले में अब तक कई अहम गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें मृतक सौरभ के भाई बबलू, उनकी मां रेणू, दोस्त सौरभ कुमार, मेडिकल और तकनीकी साक्ष्य से जुड़े लोग, पुलिस अधिकारी और विभिन्न स्थानों से जुड़े गवाह शामिल हैं। इसके अलावा मोबाइल कंपनी के नोडल अधिकारी और शिमला, मनाली व कसौल के होटलों के प्रबंधकों की गवाही भी दर्ज की जा चुकी है।
अब जबकि सभी साक्ष्य और गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है, तो अदालत की अगली कार्यवाही पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि आरोपी अपने पक्ष में कुछ ठोस पेश नहीं कर पाते हैं, तो अंतिम बहस के बाद अदालत जल्द ही इस बहुचर्चित मामले में फैसला सुना सकती है।